आल जम्मू कश्मीर जनरल लाइन टीचर फोरम का आरोप है कि हाईकोर्ट के स्टे के बाद भी राजनीतिक दबाव के चलते आरईटी टीचर्स को बैक डेट में ट्रांसफर किया जा रहा है। फोरम के अनुसार तबादले करके विभाग हाईकोर्ट की अवमानना कर रहा है।
उधमपुर में सभी जिलों के जनरल लाइन टीचरों के प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित करते हुए राज्य महासचिव राकेश ठाकुर ने कहा सीनियर अधिकारी आरईटी टीचरों के तबादले राजनीतिक दबाव में कर रहे हैं। यह भी कहा कि आरईटी टीचर जनरल लाइन टीचरों के इंचार्ज है।
उन दोनों में प्रतिस्पर्धा नहीं है। सर्विस सलेक्शन बोर्ड ने उनके चयन के लिए कड़ी परीक्षा रख दी है। जिला व ब्लाक कमेटियां आरईटी टीचरों की भर्ती के लिए सेलेक्शन बोर्ड से अधिक पावर फुल हैं। जिला प्रधान पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि जनरल लाइन टीचर और आम युवाओं को सरकार के गलत फैसले के प्रति जागरूक करने की जरूरत है।
एक अवेयरनैस कमेटी का गठन किया गया है जो स्कूलों में जाकर जनरल लाइन टीचरों को सरकार के आदेश की जानकारी देगी। उन्होंने कहा विभाग के पुनर्गठन करने की जरूरत है और पीजी, टीजीटी, पीजीटी, टीचरों के वेतन को बढ़ाने की जरूरत है।
एमएड डिग्री हासिल करने वालों को विशेष भत्ता दिए जाने की भी मांग की गई। सरकार के फैसले से स्कूलों में व्यवस्था बिगड़ गई है। शिक्षा प्रभावित हो रही है और सरकार के फैसले से शिक्षा का स्तर गिर रहा है।