सर्व शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत शिक्षकों ने वेतन न दिए जाने के विरोध में आंदोलन की चेतावनी जारी कर दी है। रहबर-ए-तालीम टीचर्स फोरम के बैनर तले शिक्षकों ने साफ कहा है कि वेतन को लेकर आए दिन समस्या बनी रहती है। वेतन न मिलने से दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। जल्द सरकार ने वेतन जारी करने की व्यवस्था नहीं की, तो वह आंदोलन करेंगे।
फोरम के प्रांतीय अध्यक्ष अरविंद शर्मा और जिला अध्यक्ष मीना शर्मा के नेतृत्व में आयोजित बैठक में सरकार के ढुलमुल रवैये की कड़ी आलोचना की गई। वक्ताओं ने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत शिक्षकों का वेतन केंद्रीय सरकार द्वारा राज्य को भेजा जाता है।
वेतन की राशि केंद्र से लेने के लिए राज्य सरकार को स्टेट शेयर का युटिलाइजेशन सर्टिफिकेट केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को जमा करवाना होता है। राज्य सरकार कहती है कि औपचारिकताओं को पूरा कर दिया गया है, लेकिन केंद्र से पता करने पर बताया जाता है कि अभी तक राज्य ने औपचारिकता पूरी नहीं की है।
शिक्षकों ने कहा कि राज्य और केंद्र के बीच की संवादहीनता का खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। वर्तमान में छह महीने का वेतन लंबित है। उन्होंने कहा कि रहबर-ए-तालीम शिक्षकों को पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर नियमित करने का प्रावधान है, लेकिन कई शिक्षकों को नियमित करने में ढिलाई बरती जा रही है।
कहा कि यदि सरकार ने अब भी गंभीरता नहीं दिखाई, तो नौ नवंबर को संभाग स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इस अवसर पर चरणजीत, सुरिंदर, प्रताप, दीपराज, अमरीश, रीता, कमलजीत, राकेश, संजय आदि मौजूद थे।