रामनगर तहसील की सत्या पंचायत में स्थित सरकारी स्कूलों से शिक्षकों को अटैच किए जाने के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों ने शहर पहुंच कर डीसी कार्यालय के बाहर शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षकों को अटैच किए जाने के बाद उनके बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो चुकी है। नेशनल कांफ्रेंस के नेता जगदीश भारद्वाज के नेतृत्व में दोपहर में ग्रामीणों ने डीसी कार्यालय के बाहर शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू की।
इस दौरान हंस राज, कपूर चंद, नसीबू राम, प्रकाश चंद, रतन लाल, गिरधारी लाल, देस राज, संजय कुमार व अन्य ने बताया कि सत्या पंचायत के केला गांव में दो प्राइमरी और एक मिडिल स्कूल स्थित है। मिडिल स्कूल में 106 विद्यार्थी शिक्षा हासिल करते हैं। स्कूल में चार शिक्षक थे।
ग्रामीण लंबे समय तक स्टाफ की कमी को पूरा करने की मांग कर रहे थे। शिक्षा विभाग ने स्टाफ बढ़ाने के बजाए कुछ दिन पहले स्कूल से एक शिक्षक को अटैच कर दूसरे स्कूल में भेज दिया। अब स्कूल तीन शिक्षकों के सहारे चल रहा है। इसी तरह से प्राइमरी स्कूलों से भी एक-एक शिक्षक को अटैच कर दूसरों स्कूलों में भेज दिया है।
स्टाफ कम होने के बाद स्कूलों में शिक्षा पूरी तरह से प्रभावित हो चुकी हैं। स्कूल जाने की औपचारिकता पूरी करके हर रोज विद्यार्थी वापिस घरों को लौट रहे हैं। बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। जगदीश भारद्वाज ने कहा कि पूरे जिले में अटैचमेंट कर शिक्षा विभाग ने परेशानी पैदा कर दी है।
शिक्षा विभाग की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो चुकी है। उनकी मांग है कि शिक्षा विभाग अपनी गलती को सुधार कर शिक्षकों को वापस अपने स्कूलों में भेजे, नहीं तो ग्रामीण बड़ा आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन के बाद सभी ने अपनी समस्या को एडीसी विकास शर्मा के सामने रखा।