जम्मू। निर्धारित सीमा से अधिक खनन होने पर सूर्य पुत्री तवी नदी में गहरे और बड़े गड्ढे बन चुके हैं। इनकी गहराई का पता न चलने से डूबने की घटनाएं बढ़ रही हैं। 15 जून को हर की पौड़ी के पास 15 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत हो गई। इससे पहले भी कई मौतें हो चुकी हैं। अवैध खनन के कारण न केवल नदी का प्राकृतिक बहाव बदल रहा है बल्कि मानसून के दौरान बाढ़ का खतरा और पुलों की नींव कमजोर होने की चुनौती खड़ी हो गई है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के कड़े रुख के बाद ही खनन विभाग ने नदी क्षेत्र में पकड़े जाने वाले वाहनों के लिए दंड प्रावधान को और कड़ा किया है। पहली और दूसरी बार पकड़े जाने पर खनिज की कीमत, रॉयल्टी के साथ 10,000 से 20,000 तक का न्यूनतम नकद जुर्माना शामिल है। तीसरी बार उल्लंघन पर वाहन को जब्त कर पुलिस को सौंपना और कम से कम 30 दिन तक गाड़ी को ब्लैकलिस्ट रखना अनिवार्य किया गया है जिसकी रिहाई केवल उच्च न्यायालय के आदेश से हो सकती है।
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार तवी नदी में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसी कारण जो भी गाड़ियां या मशीनें अवैध खनन करते हुए सील की जाती हैं उन्हें छोड़ने का अधिकार केवल उच्च न्यायालय के पास ही सुरक्षित है। पुलिस या माइनिंग विभाग साधारण जुर्माना लेकर सीधे नहीं छोड़ सकते।
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एक महीने में 100 से अधिक एफआईआर
तवी नदी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन को रोकने के लिए ऑपरेशन प्लाउइंग के तहत पिछले महीने में लगभग 100 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं। 250 से 300 के बीच वाहनों और भारी मशीनरी जब्त की गई। पुलिस की ओर से जारी हालिया डेटा रिपोर्ट के अनुसार एक वर्ष में 631 से अधिक वाहनों को अवैध खनन करते हुए पकड़ा गया। इससे पहले के वर्ष में यह संख्या 933 वाहनों की जब्ती तक पहुंची थी।
रात में गड्ढों को और गहरा करता है माफिया
खनन माफिया अक्सर प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए अंधेरे का फायदा उठाकर रात में गड्ढों को और गहरा करते हैं। इसे रोकने के लिए पुलिस की विशेष टीमों को गश्त पर लगाया गया है। साथ ही संयुक्त टास्क फोर्स (पुलिस और खनन विभाग की टीमें) ने एक महीने में तवी नदी किनारे पर मौजूद हॉटस्पॉट्स पर सबसे अधिक छापे मारे हैं। हाल ही में उप-मुख्यमंत्री ने चौथे पुल के पास औचक निरीक्षण करते आदेश दिए थे कि प्रतिबंधित क्षेत्र में खनन पूरी तरह अवैध है। उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए।
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एनजीटी की प्रशासन को फटकार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने तवी नदी में हो रहे अवैध खनन, बढ़ते प्रदूषण और अतिक्रमण को लेकर प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है। प्रिंसिपल बेंच इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेकर जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति, जम्मू विकास प्राधिकरण और नगर निगम से लगातार जवाब तलब कर रही है।
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फ्लड प्लेन के अतिक्रमण पर सख्त रुख
कोर्ट में पेश की गई आधिकारिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि तवी नदी की जमीन (खसरा नंबर 302 और 306) पर 256 से अधिक अतिक्रमणकारी सक्रिय हैं। एनजीटी ने डिप्टी कमिश्नर को व्यक्तिगत रूप से हलफनामा दायर करने का आदेश दिया था कि नदी के डूब क्षेत्र से इन माफियाओं को हटाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। हालिया रिपोर्ट के अनुसार एनजीटी की सख्ती के बाद प्रशासन ने कुछ अवैध निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई शुरू की है।
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15-16 दिन में तवी चौथे पुल के नीचे अवैध खनन करने पर एक लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। रिंग रोड, ललयाल आदि इलाकों में अवैध खनन करने पर लगभग 20 वाहन जब्त किए हैं। पोकलेन जब्त करने के साथ चार लाख रुपये का जुर्माना किया गया। बुधवार सुबह पांच बजे से नाका लगा रखा है। मुकवाल, फ्लायं मंडाल आदि जगहों पर जांच की जा रही है।
- नवीन कुमार, जिला खनन अधिकारी।