श्रीनगर के लाल चौक पर भारतीय तिरंगा फहराया गया। स्वतंत्रता दिवस से एक सप्ताह पहले अहमदाबाद की 14 वर्षीय तंजीम मेरानी और हरियाणा के भिवानी जिले के बपौड़ा गांव के जय हिंद मंच के नवीन जय हिंद ने श्रीनगर के घंटा घर पर तिरंगा फहराया था। ज्ञात हो कि तंजीम मेरानी ने पहली बार और नवीन जय हिंद ने तीसरी बार कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया है। इससे पूर्व नवीन ने 15 अगस्त, 2016 और 2 अक्टूबर, 2016 को तिरंगा फहराया था।
श्रीनगर का दिल कहलाने वाले लाल चौक में सोमवार सुबह एक नई सुबह के रूप में हुई जब वहां भारतीय तिरंगा फहराया गया। लाल चौक के बीचोबीच स्थित घंटा घर पर तंजीम और नवीन सुबह करीब 7:30 बजे पहुंचे, जहां तंजीम ने नवीन को राखी बांधी। उपहार स्वरूप उसने तिरंगा भेंट किया और फिर दोनों ने चौक पर तिरंगा फहराया। नवीन ने फोन पर बताया कि हमने तिरंगे में लिपटकर नहीं, बल्कि तिरंगा फहरा कर आतंकवादी हाफिज सईद को चेतावनी दी कि कश्मीर हमारा है।
तिरंगा लहराने का मुख्य उद्देश्य था कि हम यह बता सकें कि भारत की एकता और अखंडता के लिए हिंदू-मुस्लिम एक हैं और यह तिरंगा जलाने वालों के मुंह पर तमाचा है। तंजीम का कहना है कि वह घाटी में आईएस तथा पाकिस्तानी झंडे लहराने वालों को करारा जवाब देना चाहती थीं। मकसद सिर्फ यह बताना था कि कश्मीर की धरती भी हमारी है।
पिछले साल एयरपोर्ट से लौटा दी गई थी तंजीम
अहमदाबाद की तंजीम मेरानी ने पिछले साल भी 15 अगस्त के मौके पर तिरंगा लहराने की ठानी थी, लेकिन उन्हें एयरपोर्ट से ही लौटना पड़ा था। इसके अलावा 16 वर्ष की जाह्नवी बहल ने भी पिछले वर्ष एलान किया था कि वह 15 अगस्त के मौके पर श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराएंगी लेकिन उन्हें भी एयरपोर्ट से 30 अन्य लोगों के साथ वापस भेजा गया था।