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डुग्गर प्रदेश में तमदेह पर्व आज, पूर्वजों को अर्पित किया जाएगा फल और जल

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर प्रकृति पर्यटन के साथ अब धार्मिक पर्यटन का भी केंद्र बनता जा रहा है। कश्मीर संभाग में अमरनाथ यात्रा तो जम्मू में वैष्णो देवी के बाद अब तिरुपति बालाजी का वेंकटेश्वर मंदिर बनने से प्रदेश धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बन जाएगा। इससे न सिर्फ पर्यटन बढ़ेगा बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
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मंदिरों के शहर जम्मू में रघुनाथ, रणवीरेश्वर और बावे वाली माता मंदिर जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल के बाद अब शहर के सिद्दड़ा के मजीन गांव में तिरुपति बालाजी का मंदिर बनने जा रहा है। मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन हो गया है। मंदिर का निर्माण 18 महीने में 33.22 करोड़ की लागत से दो चरणों में पूरा होगा। मंदिर के निर्माण से सिद्दड़ा के मजीन गांव का भी कायाकल्प होगा और क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित होगा।
पुरमंडल-उत्तर वाहिनी को धार्मिक पर्यटन स्थल बनाने की कवायद ठंडे बस्ते में
प्रसाद योजना के तहत पुरमंडल-उत्तर वाहिनी धार्मिक पर्यटन सर्किट के विकास के लिए परियोजना पर काम किया जाना था जो फिल्हाल ठंडे बस्ते में है। उपराज्यपाल ने पुरमंडल में विकासात्मक परियोजना शुरू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी कोई काम नहीं हुआ है। मंदिर परिसर के लिए पक्का रास्ता/ट्रैक का निर्माण, व्यू प्वाइंट का निर्माण, स्नान घाटों का विस्तार, फोकस लाइट की स्थापना, सोलर लाइट आदि का काम किए जाने के साथ क्षेत्र के स्थानीय लोगों को साथ लेकर धर्मशाला जैसी पर्यटक सुविधाओं और सेवाओं को विकसित किया जाना था। धर्मार्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय गंडोत्रा ने कहा कि पुरमंडल-उत्तर वाहिनी में अभी तक कोई विकासात्मक कार्य शुरू नहीं हुआ है।
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