किक बाक्सिंग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रियासत का नाम चमकाने वाली आठ वर्षी तजामुल इस्लाम ने कहा कि इटली में इंडिया की ड्रेस पहनकर बड़े देशों के प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ने में अलग ही अनुभव रहा। हमारे कश्मीर में मेरे जैसे कई बच्चे हैं जो बुलंदियों को छूने की क्षमता रखते हैं। लेकिन उन्हें प्रोत्साहन की जरूरत है।
मुसलेम आबाद कालोनी, बांडीपुरा निवासी इस्लाम ने अंतरराष्ट्रीय सब जूनियर किक बाक्सिंग चैंपियनशिप में अपने जोश और हुनर से कई देशों के धुरंधरों को चित करते स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस बीच शुक्रवार को जम्मू पहुंचने पर तजामुल का जम्मू-कश्मीर स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल की ओर से जोरदार स्वागत किया गया।
तजामुल ने कहा कि खिताबी भिड़ंत का उसका सामना यूएसए के प्रतिद्वंद्वी से हुआ। लेकिन अपने देश के लिए कुछ कर गुजरने की चाह ने उसके जोश को कम नहीं होने दिया। पिछले करीब चार साल से किक बाक्सिंग में कड़ा अभ्यास कर रही तजामुल ने कहा कि वह भविष्य में देश का नाम रोशन करने के लिए और मेहनत करेगी।
पिता गुलाम मोहम्मद लोन ने कहा कि यह पूरी रियासत के लिए गौरव की बात है कि हमारी बेटी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम चमकाया है। राज्य के प्रतिभाशाली बच्चों को भी नया प्लेटफार्म देने की दिशा में काम होना चाहिए। तजामुल को फैजल अली ने कोचिंग दी। तजामुल के इस प्रदर्शन की राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राज्य के खेल मंत्री प्रशंसा कर चुके है।