एसपी ताहिर अशरफ को साल 2018 में जांच में उत्कृष्टता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री पदक से सम्मानित किया गया है। वह यह पदक प्राप्त करने वाले उच्चाधिकारियों में पहले हैं। ताहिर अशरफ केपीएस 2004 बैच के अधिकारी हैं। डिप्टी एसपी रहते हुए वह नौशेरा, रियासी, बांदीपोरा में भी सेवाएं दे चुके हैं।
एसएसपी ने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है तो सबसे पहले उसे इसकी जानकारी साइबर पुलिस थाने को देनी चाहिए। जितनी जल्दी जानकारी मिलेगी, उससे आरोपी को ट्रैक करने में आसानी होगी।
ताहिर अशरफ के अनुसार विशिंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें एक शख्स को एसएमएस या ई-मेल के जरिये एक फ्रॉड मैसेज भेजा जाता है और उसमें लालच दिया जाता है। उनसे कहा जाता है कि उन्होंने एक भारी रकम जीती है। इस लालच में आकर व्यक्ति सारी डिटेल और अन्य जानकारी दे देता है। यहां तक कि अकाउंट नंबर भी मांगा जाता है जिसमें उन्हें उनका पैसा ट्रांसफर करवाने का आश्वासन दिया जाता है। ताहिर के अनुसार कई बार हैकर्स बैंक अकाउंट को एक्सेस करते हैं। वो अकाउंट से पैसा निकाल लेते हैं या कुछ लोग खुद पैसा हैकर्स के अकाउंट में ट्रांसफर कर देते हैं।