स्वाइन फ्लू का शिकंजा कसने के बाद बाजार से एच1एन1 वायरस से बचाव के लिए विशेष तौर पर बने एन-95 मास्क और इन्फ्लूएंजा वैक्सीन बाजार से गायब हैं। यही नहीं सामान्य मास्क और इन्फ्लूएंजा वैक्सीन की भी भारी किल्लत बनी हुई है।
लोगों को बचाव के लिए पर्याप्त मास्क और वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। बाजार में मौजूद मास्क की कीमतें कई गुणा बढ़ गई हैं। खबर यह भी है कि मास्क में चाइनीज पदार्थों की भी घुसपैठ हो गई है। कश्मीर घाटी के शीर्ष अधिकारियों ने रविवार को माना कि इस इलाके के किसी भी अस्पताल में स्वाइन फ्लू के टीके नहीं हैं।
कश्मीर के स्वास्थ्य निदेशक सलीम उर रहमान ने पीटीआई से कहा, घाटी में कहीं भी एच1एन1 विषाणु के सिलसिले में टीकाकरण के लिए टीके नहीं हैं। उन्होंने बताया कि विभाग टीके खरीदने की कोशिश कर रहा है लेकिन टीके खत्म हो गए हैं। उन्होंने कहा, हमने आपूर्तिकर्ताओं से टीके देने को कहा था लेकिन ऐसा जान पड़ता है कि वे खत्म हो गए हैं। हम अब खुले बाजार से टीके खरीद रहे हैं और टीके शीघ्र मिलने की आशा है।
बाजार में स्वाइन फ्लू की इन्फ्लूएंजा वैक्सीन न के बराबर उपलब्ध है। इसकी कीमत साढ़े सात सौ रुपये तक है। बच्चों और बड़ों को उम्र के हिसाब से इसकी एक बार वैक्सीन दी जाती है, जिसका असर एक सीजन तक रहता है। शहरवासी रोहित गुप्ता ने कहा कि स्वाइन फ्लू के चलते बाजार से मास्क और वैक्सीन की किल्लत पर केंद्र और राज्य सरकार को गंभीरता से सोचना चाहिए।