जम्मू-कश्मीर में एच1एन1 वायरस स्वाइन फ्लू का शिकंजा कसने के बाद राज्य में अलर्ट किया गया है। रियासत के चिकित्सा केंद्रों पर आने वाले संदिग्ध मरीजों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे मरीजों को दूसरे मरीजों से अलग करके आइसोलेट इलाज दिया जा रहा है। कश्मीर में स्वाइन फ्लू से अब तक ग्यारह लोगों की मौत हो चुकी है।
जबकि कई मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। जीएमसी जम्मू में अब तक चार संदिग्ध मरीज भर्ती हुए हैं। जिनकी सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
राज्य के विभिन्न अस्पतालों में इलाज ले रहे संदिग्ध मरीजों पर नजर रखी जा रही है। जीएमसी के माइक्रोबायोलाजी विभाग की एचओडी डा. शशि सूदन ने बताया कि मामूली सा नियमित बुखार, खांसी, गले में खराश जैसी छोटी बीमारियां स्वाइन इनफ्लूएंजा फ्लू के लक्षण हो सकती हैं।
स्वाइन फ्लू का एच1एन1 नामक वायरस मानव शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर हमला करके शारीरिक क्षमता को बेकार कर देता है। पीड़ित को समय पर उचित इलाज न मिलने से उसकी जान जा सकती है।
इलाज में देरी से आसपास के लोग भी इस फ्लू की चपेट में आ जाते हैं। स्वाइन फ्लू का वायरस हवा में प्रभावित तत्वों द्वारा मानव से मानव में हस्तांतरित हो जाता है। यह इंसानों में महामारी का कारण भी बना है।
विशेषज्ञों के अनुसार उन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, जो कामकाज के सिलसिले में नियमित तौर पर प्रभावित देशों में दौरे करते हैं।