स्वाइन फ्लू ने राज्य के चिकन कारोबार बुरी तरह से प्रभावित किया है। चिकन और अंडो से स्वाइन फ्लू होने की सूचनाओं से लोगों ने इससे दूरी बना ली है। हालत यहां तक पहुंच गई है कि चिकन का कारोबार 80 फीसदी तक कम हो गया है।
श्रीनगर में तो पिछले कई दिनों से चिकन की सप्लाई ही नहीं गई। अंडों की बिक्री पर भी जबरदस्त असर पड़ा है। सस्ते दाम करने के बाद दुकानों तक चिकन खरीदने के लिए लोग नहीं पहुंच रहे। जम्मू की चिकन एसोसिएशन ने चीफ पोल्ट्री अधिकारी और निदेशक को इस ओर ध्यान देने की मांग की है।
जम्मू चिकन एसोसिएशन के प्रधान रविंदर सिंह ने बताया कि जम्मू में हर रोज 800 क्विंटल चिकन की खपत होती है, लेकिन पिछले कई दिनों से 20 क्विंटल चिकन भी नहीं बिक पा रहा। प्रतिकिलो चिकन 90 रुपये से 60 रुपये दाम कर दिए गए हैं, बावजूद इसके कोई खरीदने नहीं पहुंच पा रहा।
वहीं अंडो की बिक्री में भी 80 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। रविंदर सिंह ने यह भी जानकारी दी कि कश्मीर में पिछले कई दिनों से चिकन की सप्लाई ही नहीं हुई है। घाटी में भी हर रोज एक हजार क्विंटल चिकन जाता था, इसमें से अब 100 क्विंटल भी नहीं जा रहा।
दरअसल, कई लोग स्वाइन फ्लू को बर्ड फ्लू समझ कर चिकन नहीं खरीद रहे, जबकि दोनों में अंतर है। डाक्टरों के अनुसार चिकन और अंडों में किसी तरह का स्वाइन फ्लू होने का खतरा नहीं।
बर्ड फ्लू में एच 5, एन 1 के संक्रमण हैं और स्वाइन फ्लू में एच1 एन 1 के संक्रमण हैं। चिकन एसोसिएशन ने पोल्ट्री के निदेशक और चीफ अफसर से गुहार लगाते हुए कहा है कि लोगों को जागरूक किया जाए कि चिकन और अंडो से स्वाइन फ्लू नहीं फैलता।