फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू एयरपोर्ट पर मिली संदिग्ध वस्तु, बम निरोधक दस्ता जांच में जुटा, कल ही हुआ था बस स्टैंड पर हमला

Fri, 08 Mar 2019 02:43 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
जम्मू एयरपोर्ट - फोटो : फाइल
विज्ञापन
जम्मू बस स्टैंड पर ग्रेनेड हमले के दूसरे ही दिन सिविल एयरपोर्ट के बाहर संदिग्ध बमनुमा उपकरण मिलने से हड़कंप मच गया। एयरपोर्ट प्रवेश गेट के साथ बनी संतरी पोस्ट के बिल्कुल नजदीक काले रंग के बैग में इसे रखा गया था। जिसके साथ कोई बिस्फोटक सामग्री और टाइमर तो नहीं लगी था, लेकिन एक ट्रिगर जरूर था। 
विज्ञापन


संतरी पोस्ट के पास रहने वाली दो महिलाओं ने बैग को देखा और संतरी को जानकारी दी। सूचना मिलने पर बम निष्क्रिय दस्ता मौके पर पहुंचा। दस्ते की मदद से जांच करने के बाद बैग को खोला गया और इसमें एक सर्किट मिला। इस तरह से संतरी पोस्ट के पास बैटरी सर्किट मिलना सुरक्षा में चूक माना जा रहा है। 

शुक्रवार सुबह करीब 11.30 बजे एयरपोर्ट प्रवेश गेट के साथ रहने वाली दो महिलाओं हरप्रीत कौर और सुखविंदर कौर ने बताया कि उन्होंने एक काले रंग का बैग देखा और इसकी जानकारी संतरी पोस्ट पर दी। संतरी के अलावा अन्य पुलिस कर्मी पोस्ट से बाहर आए और बैग को देखकर उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया। अधिकारियों ने फौरन बम निष्क्रिय दस्ते को बुलाया। 
विज्ञापन


दस्ते की टीम ने मौके पर पहुंचकर बैग सहित आसपास के इलाके को घेरे में ले लिया। बैग को खोलकर देखा गया। इसमें नीले रंग का एक उपकरण ट्रांसपेरेंट टेप में लिपटा हुआ करीब 3 इंच का एक उपकरण मिला। इसके साथ कुछ तारें और चार बैटरी सेल लगे हुए थे। हालांकि साथ में कोई बिस्फोट या टाइमर नहीं लगा था। 

आटोमेटिक मशीन की जांच
बम निष्क्रिय दस्ते ने एक आटोमेटिक मशीन से पहले बैग की जांच की। ताकि पास जाने पर कोई बिस्फोटक न हो। जब बैग की जांच हो गई तो दस्ते के बाकी सदस्य बैग के पास पहुंचे और इसको खोलकर चेक किया। बाद में एयरपोर्ट से दूर जाकर इसे नष्ट कर दिया गया।  

किसी कचरे के साथ आकर गिर गया होगा
"बैटरी के सेल लगा हुआ एक सर्किट था। संभव है कि यह किसी कचरे के साथ आया हो और वहां गिर गया। इसमें किसी तरह का कोई बिस्फोटक नहीं लगा था। न ही ऐसी कोई वस्तु हैं। फिर भी एहतियात के तौर पर बम निरोधक दस्ते की मदद से से नष्ट कर दिया गया। एयरपोर्ट की सुरक्षा पूरी तरह से पुख्ता है। किसी को डरने की जरूरत नहीं। एयरपोर्ट की सुरक्षा पर्याप्त और पुख्ता है।"-मोहम्मद असलम, एसएसपी, एयरपोर्ट, जम्मू


यात्रियों की लगी हुई थी लाइन
जिस वक्त बैग की सूचना मिली उस समय एयरपोर्ट के भीतर जाने वालों की लाइन लगी हुई थी। बम मिलने की अफवाह जैसी जानकारी कानों तक पहुंचते ही यात्री सहम गए। हालांकि उसी समय पुलिस की तरफ से यात्रियों को कहा गया कि बम जैसी कोई वस्तु नहीं है। आप लोग निश्चित होकर एयरपोर्ट के भीतर जाएं। कुछ नहीं होगा। 

घंटों चलती रही सर्च
इस घटना के चलते बम निष्क्रिय दस्ते ने एयरपोर्ट प्रवेश गेट के आसपास का पूरा इलाका छाना। ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं कहीं कोई बम या फिर आईईडी तो नहीं लगा रखी। काफी देर तक सर्च चलाने के बाद दस्ते ने इलाके को सुरक्षित घोषित कर दिया। बम निष्क्रिय दस्ते के साथ पुलिस का डाग स्कवायड भी मौजूद रहा।

सब नार्मल रहा
"एयरपोर्ट के बाहर कुछ मिला था। जिसे पुलिस ने बम निष्क्रिय दस्ते की मदद से से निष्क्रिय कर दिया है। एयरपोर्ट पर किसी तरह हड़बड़ी नहीं मची। विमान सेवा पूरी तरह से सामान्य तरीके से बहाल रही।"-डी.के.गौतम, डायरेक्टर एयरपोर्ट, जम्मू

विज्ञापन

जम्मू शहर में भीड़-भाड़ वाले बीसी रोड स्थित बस स्टैंड को आतंकियों ने आसान टारगेट समझ लिया है। पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने 25 मई 2018, 28 दिसंबर 2018 की घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया। दोनों हमलों में आतंकियों ने ग्रेनेड फेंक कर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की है। इन हमलों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं करने का अंजाम यहीं रहा कि वीरवार को एक आम नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी। वहीं, 33 लोग घायल हुए हैं।

बस स्टैंड पर हुए हमले
25 मई, 2018 : आतंकियों ने बीसी रोड के तरफ से पुलिस वाहन पर ग्रेनेड फेंका, जिसमें दो पुलिसकर्मियों सहित तीन लोग घायल हुए।
28 दिसंबर, 2018 : टाउन हाल से नीचे उतर कर आतंकियों ने दोबार बस स्टैंड पर ग्रेनेड फेंका। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।
7 मार्च, 2019 : आतंकी ने बस स्टैंड परिसर के अंदर पहुंचकर ग्रेनेड फेंका। इसमें 33 लोग घायल हुए और एक की मौत हुई है। 

आतंकियों के रडार पर जम्मू शहर
30 मार्च, 2002 : आतंकियों ने रघुनाथ मंदिर पर हमला किया था, जिसमें 11 की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए।
14 मई, 2002 : जम्मू के कालूचक में आतंकियों ने सेना की छावनी पर हमला किया। 40 की मौत, 48 घायल हुए।
27 नवंबर, 2014 : जम्मू के अरनिया सेक्टर में आतंकी हमला। तीन जवान शहीद और चार नागरिक मारे गए।
29 नवंबर, 2016 : जम्मू के नगरोटा स्थित 16 कॉर्प मुख्यालय में तैनात 166 आर्मी यूनिट पर हमला, 7 जवान शहीद।
10 फरवरी, 2018 : जम्मू के सुजवां आर्मी कैंप पर आतंकी हमला। पांच जवान शहीद और चार आतंकी मारे गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें