फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

J&K: कुलगाम के आतंकियों के ग्रुप के ही कोकरनाग में होने का शक, इनमें पाकिस्तानी भी, सवा माह में छह बलिदान

Thu, 14 Sep 2023 10:49 AM IST
शाहरुख खान डॉ. बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, जम्मू

सार

कुलगाम के आतंकियों के ग्रुप के ही कोकरनाग में होने का शक है। इनमें पाकिस्तानी भी शामिल हैं। सवा महीने के भीतर दक्षिण कश्मीर में दो अलग-अलग घटनाओं में छह जवान बलिदान हुए हैं। कुलगाम और कोकरनाग की घटना में काफी समानता है। कुलगाम से भागने के बाद कोकरनाग में ठिकाना बनाने की आशंका है।
विज्ञापन
अनंतनाग में मुठभेड़ के दौरान अपनी पोजिशन लेते हुए जवान - फोटो : अर्शिद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में एक महीने पहले पांच अगस्त को हुई मुठभेड़ में शामिल आतंकियों के ग्रुप के ही कोकरनाग में भी शामिल होने का शक है। इस ग्रुप में पाकिस्तानी आतंकी भी बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इसी ग्रुप ने कुलगाम से निकलने के बाद कोकरनाग में ठिकाना बना रखा था। 
विज्ञापन


पांच अगस्त की मुठभेड़ में भी तीन सैन्य जवान बलिदान हुए थे। ऐसी आशंका है कि यह ग्रुप राजोरी-पुंछ के इलाके से दक्षिण कश्मीर पहुंचा है। सवा महीने के भीतर दक्षिण कश्मीर में दो अलग अलग ऑपरेशन में छह जवान बलिदान हुए हैं।

सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कुलगाम तथा कोकरनाग की घटनाओं में काफी समानता है। कुलगाम की घटना में भी तीन से चार आतंकी बताए गए थे और कोकरनाग की घटना में भी इतने ही आतंकी बताए जा रहे हैं। दोनों ही घटनाओं में आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर सबसे पहले जोरदार फायरिंग की। दोनों ही घटनाओं में प्रारंभिक फायरिंग में जवान घायल हुए।
विज्ञापन


सूत्रों ने बताया कि कुलगाम के हलान इलाके में ड्रोन तथा हेलिकॉप्टर से तलाशी अभियान चलाए जाने के बीच आतंकी मौके से भाग निकले थे। कई दिनों तक तलाशी अभियान के बाद भी उनका पता नहीं लगा था। माना जा रहा है कि कुलगाम से भागकर आतंकी कोकरनाग के इलाके में चले आए। 

अनंतनाग मुठभेड़ के दौरान तैनात जवान - फोटो : अर्शिद
यहीं उन्होंने ठिकाना बना रखा। सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर बुधवार सुबह ठिकाने तक पहुंचने की कोशिश की, उसी दौरान उन्होंने भारी फायरिंग शुरू कर दी। इस कोशिश में जो लोग भी लीड कर रहे थे वह आतंकियों की फायरिंग की चपेट में आ गए। 

 

इनमें कुछ और जवानों के घायल होने का शक जताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस और सैन्य अफसरों का कहना है कि पहले तो ऑपरेशन में आतंकियों को मार गिराना प्राथमिकता है। इसी दिशा में घेराबंदी सख्त रखा गया है ताकि आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग न निकले।
 

प्रमुख घटनाएं
चार अगस्त 2023: कुलगाम के हलान इलाके में मुठभेड़ में तीन जवान बलिदान। आतंकी चार राइफल भी लूट ले गए थे।
13 सितंबर 2023: दक्षिण कश्मीर के कोकरनाग में मुठभेड़ में दो सैन्य अफसरों समेत तीन हुए बलिदान
पांच मई 2023: पुंछ में मुठभेड़ के दौरान धमाके में पांच जवान बलिदान।
मई 2020: हंदवाड़ा में मुठभेड़ के दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल आशुतोष शर्मा समेत पांच जवान हुए थे बलिदान।
 

कर्नल मनप्रीत युवाओं में थे काफी लोकप्रिय
कर्नल मनप्रीत सिंह दक्षिण कश्मीर के अपने क्षेत्राधिकार वाले इलाके में युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय थे। वह आम लोगों के साथ राफ्ता रखने के साथ ही युवाओं व महिलाओं को खेल से जोड़कर उनकी प्रतिभा को विकसित करने में लगे रहते थे। इलाके में महिलाओं की क्रिकेट प्रतियोगिताएं भी कराते थे।
विज्ञापन

इसके साथ ही युवाओं के लिए क्रिकेट, वालीबॉल, फुटबॉल तथा अन्य इनडोर गेम्स का समय समय पर आयोजन करते रहते थे। उनका मानना था कि यदि युवा सकारात्मक गतिविधियों में शामिल होगा तो उससे नकारात्मक भावनाएं निकलेंगी और वे बेहतर जीवनयापन कर सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें