दिल्ली सहित अन्य राज्यों में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए रियासत में सतर्कता बढ़ाई गई है। जीएमसी से एक और संदिग्ध मरीज के खून और थूक के नमूने दिल्ली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ कम्युनिकेवल डिसीज में जांच के लिए भेजे गए हैं। पिछले दो माह में जीएमसी में चार मामले आ चुके हैं, लेकिन राहत यह है कि इनमें पहले तीन की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू ने जिला स्तर पर स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों को लेकर सभी जरूरी एहतियात बरतने के निर्देश जारी किए हैं। जीएमसी के प्रिंसिपल डा. घनश्याम देव गुप्ता का कहना है कि स्वाइन फ्लू के लिए जीएमसी के चोपड़ा नर्सिगिं होम में आइसोलेट रूम स्थापित करके सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ताजा मामले में जीएमसी में पचास वर्षीय संदिग्ध मरीज (पुरुष) के सैंपल लेकर उसे आइसोलेट के लिए भेजा गया है।
पीडि़त दिल्ली का सफर कर आया है और उसे सांस लेने में लगातार तकलीफ हो रही है। अभी तक सभी संदिग्ध मामलों में पीडि़त बाहरी राज्यों से होकर आए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी एक माह तक स्वाइन फ्लू को लेकर एहतियात बरतने की जरूरत है। देश के विभिन्न राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने से राज्य में इनके पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।
जीएमसी में पीडि़तों के सैंपल लेने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू से पर्सनल प्रोटेक्शन किट मुहैया करवाई जा रही हैं। कश्मीर के भी कई अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों का पहुंचना जारी है। उल्लेखनीय है कि जम्मू के बिश्नाह क्षेत्र के खैरी सरोर गांव के एक निवासी की दिसंबर, 2009 को स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी।
इससे पहले सोरा, श्रीनगर में भी एक महिला की इस वायरस की चपेट में आने से जान चली गई थी। उस समय जम्मू संभाग में 60 से ज्यादा मरीज स्वाइन फ्लू से पाजिटिव पाए गए थे।