सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कश्मीरी व्यवसायी जहूर अहमद शाह वटाली को जमानत देने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। लश्कर-ए-तैयबा सहित अन्य आतंकी संगठनों के लिए धन मुहैया कराने के आरोप में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने वटाली को गिरफ्तार किया था।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ को एनआईए की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने बताया कि वटाली को जमानत देने से आतंकी फंडिंग मामलों की जांच प्रभावित हो सकती है। इसके बाद सर्वोच्च अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एनआईए की याचिका को स्वीकार करते हुए वटाली को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी। इससे पहले वीरवार को हाईकोर्ट ने वटाली को यह कहते हुए जमानत दे दी थी कि प्रथमदृष्ट्या षड्यंत्र में वटाली की कोई भूमिका नजर नहीं आती है।