सरकारी स्कूलों मे बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से बड़ी राशि खर्च की जा रही है, लेकिन इसका कोई असर होता दिखाई नहीं दे रहा है। स्कूलों में बच्चों की संख्या जस की तस है। इसका मुख्य कारण शिक्षा विभाग में शिक्षकों के पद का रिक्त होना है।
अभिभावक उन्हीं स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना पसंद करते हैं, जहां पर्याप्त शिक्षक हों। सीमावर्ती गांव मदून कैंप में प्राइमरी स्कूल है। सरपंच दर्शन चौधरी के अनुसार विभाग की ओर से यहां पर एक शिक्षिका को नियुक्त किया गया है। उनके अनुसार यदि उक्त शिक्षिका को कोई जरूरी काम पड़ जाए या किन्हीं स्थितियों में नहीं पहुंच पाएं, तो स्कूल का बंद होना स्वभाविक है।
सरपंच के अनुसार उन्होंने इस बाबत जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी को कई बार अवगत करवाया, लेकिन कोई कदम नहीं उठाए गए। इसकी वजह से विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की है कि स्कूल के रिक्त पदों को जल्द भरा जाए।