- न्यूरोसर्जरी विभाग की आधुनिक चिकित्सा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि
- एंडोस्कोपिक विधि से किया 28 वर्षीय महिला का ऑपरेशन
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
जम्मू/सांबा। पिछले साल से मस्तिष्क में ट्यूमर लिए दिल्ली, चंडीगढ़ और पंजाब में इलाज करा रही 28 वर्षीय महिला का एम्स जम्मू के विशेषज्ञों ने एंडोस्कोपिक विधि से ट्यूमर निकालकर जीवनदान दिया है। ब्रेन ट्यूमर से महिला की रीढ़ (डिस्क) में भी परेशानी थी जिससे वह ठीक से चल भी नहीं पा रही थी।
न्यूरो सर्जरी विभाग ने ईएनटी विभाग के साथ मिलकर कश्मीर की 28 वर्षीय महिला के मस्तिष्क के बेस में ट्यूमर को एंडोस्कोपिक ऑपरेशन से निकाला। सर्जन की टीम ने बिना बड़ा चीरा लगाए, प्राकृतिक मार्ग से ऑपरेशन किया। भौंह पर एक छोटा चीरा लगाकर कीहोल अप्रोच से ट्यूमर निकाला गया। न्यूरो सर्जरी विभाग के कार्यवाहक प्रमुख डॉ. शौर्य दरबारी ने बताया कि न्यूरो सर्जरी में उभरती प्रौद्योगिकियां मिनिमली इनवेसिव और एंडोस्कोपिक दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। हमारा उद्देश्य केवल चीरे का आकार घटाना नहीं, बल्कि सुरक्षा और सटीकता बनाए रखते हुए ऊतकों की क्षति को कम करना है। इससे मरीजों को कम दर्द होता है। अस्पताल में कम दिन रुकना पड़ता है और वे जल्द अपनी दिनचर्या में लौट पाते हैं। डॉ. शौर्य ने कहा कि मरीज अब सर्जन में सहयोग करने वाले सहायक प्रोफेसर डॉ. कनव गुप्ता, एनेस्थीसिया, ओटी, नर्सिंग और क्रिटिकल-केयर टीम के तालमेल की सराहना की।
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एम्स जम्मू मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। हमारा उद्देश्य है कि जम्मू, कश्मीर, लद्दाख और पड़ोसी क्षेत्रों के लोगों को घर के पास ही उन्नत उपचार मिले। पहले इन जटिल बीमारियों के लिए मरीजों को चंडीगढ़ या दिल्ली जाना पड़ता था जिसे एम्स जम्मू के विशेषज्ञों की टीम ने आसान कर दिखाया है।
- प्रो. डॉ. संजीव सिन्हा, कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ, एम्स जम्मू
- प्रो. डॉ. संजीव सिन्हा, कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ एम्स जम्मू।