कश्मीर के लाल बिलाल के कमाल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कश्मीरी युवा दुनिया भर में अपनी प्रतिभा और हुनर का जलवा दिखाने को बेताब हैं। यूपीएससी परीक्षा 2016 में आईएएस के लिए चुने गए हंदवाड़ा के बिलाल मोहिउद्दीन भट ने दसवां मुकाम हासिल किया है। पुंछ के जफर इकबाल 39वें और राजोरी के अनायत अली 808वें नंबर पर हैं।
जो लोग सोचते हैं कि घाटी में केवल पत्थरबाजों की फसल उगती हैं वे फिर गलत साबित हुए। कश्मीर के आतंकग्रस्त जिले हंदवाड़ा के युवा बिलाल मोहिउद्दीन भट की कामयाबी पर रियासत को उन पर फख्र है। बिलाल खुद बहुत खुश हैं। बिलाल अपनी सात माह की बेटी मरियम को अपनी कामयाबी का श्रेय देते हैं। उनके मुताबिक सितंबर माह में वह पैदा हुई तो मैंने प्रीलिमिनरी निकाला। उसके बाद से पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ा।
कामयाबी पर भावुक बिलाल ने अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि वे चाहते हैं दूसरे युवा भी सर्विसेज की तरफ आएं, ताकि घाटी और अपने लोगों की सेवा कर सकें। वर्तमान में भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारी के तौर पर लखनऊ में कार्यरत भट को उम्मीद है कि उन्हें जेएंडके कैडर मिल जाएगा। इसके बाद अपने लोगों की सेवा करना मेरी प्राथमिकता है।
पिता से मिली आईएएस बनने की प्रेरणा
यूपीएससी परीक्षा में सफल हुए बिलाल
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
बिलाल ने कहा, मैं 2010 से इसके लिए कोशिश कर रहा था। वे उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले हंदवाड़ा से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी स्कूल और कालेज की पढ़ाई श्रीनगर से की। इसके बाद पशु विज्ञान में जम्मू से आगे की पढ़ाई की।
सरकारी कालेज के प्रोडक्ट बिलाल पहले ही प्रयास में कश्मीर प्रशासनिक सेवा (केएएस) और उसके बाद भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के लिए चुने गए। लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस था और वे इसे हासिल करके ही माने। कश्मीर प्रशासनिक सेवा में रहे पिता जेएम भट को अपना आदर्श बताने वाले बिलाल कहते हैं कि कामयाबी के लिए मुझे हर सुख का त्याग करना पड़ा।
युवाओं को उनकी नसीहत है कि जो भी छात्र इस परीक्षा के लिए बैठें, फोकस पर ध्यान दें। उनके तीन भाई और एक बहन हैं। भट के मुताबिक पिता खुद मुझे घर में देखना चाहते हैं ताकि मैं अपने लोगों की सेवा कर सकूं। इंतजार है कि यह संभव हो।
यूपीएससी में जम्मू-कश्मीर का सबसे बेहतर प्रदर्शन
यूपीएससी
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संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा के परिणामों में जम्मू कश्मीर के परिणाम इस बार सबसे बेहतर दिखाई दे रहे हैं। पहली बार इस परीक्षा में रियासत के 14 लोगों ने स्पर्धा पास करते हुए अपने स्थान हासिल किए हैं।
कश्मीर के बिलाल के अलावा इस परीक्षा में कई अन्य जिलों के प्रतिभागियों को सफलता प्राप्त हुई है। बिलाल के अलावा श्रीनगर के बेमिना के रहने वाले फखरूद्दीन और रामबाग के निवासी बिस्मा काजी समेत कुल 14 लोग इस परीक्षा में सफल हो सके हैं।