जम्मू-कश्मीर स्टेट लीगल सर्विसेज अथारिटी (एसएलएसए) ने प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों की मदद के लिए साइकोलाजी के छात्रों से आगे आने की अपील की है। एसएलएसए के चेयरमैन जस्टिस वीरेंद्र सिंह के निर्देश पर हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी ने जम्मू विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर से संपर्क कर इस मामले में मदद करने को कहा।
वाइस चांसलर से आग्रह किया कि अच्छे छात्रों की नियुक्ति की जाए, ताकि वे प्रभावित इलाकों में जाकर पीड़ितों के साथ कुछ समय के लिए अस्थाई तौर पर रहें। इस दौरान वे पीड़ितों की काउंसिलिंग कर उन्हें इस संकट से उबारने में मदद करें। जो बाढ़ और आपदा के कारण मानसिक रूप से तनाव में जी रहे हैं।
छात्र जीएमसी (जम्मू व कश्मीर) के साइक्रेटिस्ट और न्यायिक अफसरों के कोर ग्रुप के साथ मिलकर काम करेंगे।
स्वास्थ्य सेवा के निदेशक से आग्रह किया गया है कि वह प्राथमिकता के आधार पर कुछ साइक्रेटिस्ट की नियुक्ति करें, ताकि तनाव के बीच रह रहे पीड़ितों की मदद की जा सके।
इससे साइकोलाजी के छात्रों को अपने मिशन में सहयोग मिल पाएगा। उल्लेखनीय है कि एसएलएसए बाढ़ के तुरंत बाद सक्रिय हुआ और आपदा के लिए पहुंची सामग्री को सही लोगों के पास पहुंचाने का प्रयास किया। इस क्रम में न्यायिक अफसरों का कोर ग्रुप गठित किया गया, जिन्हें जिम्मेदारियां सौंपी गईं।