इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) जम्मू में शनिवार को एचआर कॉन्क्लेव के अंतिम दिन विद्यार्थियों को कॉर्पोरेट की दुनिया से रूबरू कराया गया। इसमें उन्हें आने वाली चुनौतियों के बारे में बताया गया। विभिन्न पैनल ने अलग-अलग सत्र में विद्यार्थियों को बदलते समय के साथ खुद को बदलने पर भी चर्चा की। उन्हें स्टार्टअप के बारे में भी जानकारी दी। कॉन्क्लेव का उद्देश्य आईआईएम जम्मू को बाकी आईआईएम के समकक्ष लाना भी है। इसमें बताया गया कि कैसे टेक्नोलॉजी में बदलाव से काम में इनोवेशन आती है। कॉन्क्लेव में रंगारंग कार्यक्रम भी हुआ। इसमें डोगरी गायक रोमेलो राम ने डोगरी गीत के अलावा फोक गायन और गीतड़ू नृत्य किया।
कॉन्क्लेव के पहले सत्र में पूनीत भाटिया, सिमिन अस्करी, प्रणव प्रसून्न, डॉ. संतोष फूलपागर ने विभिन्न उद्योगों में डेटा के महत्व और व्यवसाय पर इसके असर पर प्रकाश डाला। पहले सत्र का विषय ‘जॉब लास्ट इक्विल टू जॉब गेन’ था। उद्योग में फ्यूचर स्किल पर जोर दिया गया जिसमें लर्निंग, अनलर्निंग, री-लर्निंग और मानसिक पहुलओं पर चर्चा की गई।
दूसरे सत्र में री-स्किलिंग पर चर्चा हुई। साउथ एशिया जिलेट सेटेलाइट नेटवर्क के जीएम विनोद कौल ने कहा कि री-स्किलिंग इंप्लाइज को जॉब सिक्योरिटी देती है। फुलक्रम डिजीटल के साउद जफर ने बताया कि तकनीक का सही इस्तेमाल कैस करना है। कृष्णा सेतलर ने ‘नए विश्व में कैसे रहा’ इस पर चर्चा की। इसके बाद डाइवर्सिटी के महत्व को बताया गया।