श्रीनगर से एनआईटी शिफ्ट करने के मामले में जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट के फैसले के बाद याची सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
याची प्रो हरिओम के अनुसार जनहित याचिका पर जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश खंडपीठ ने फैसला दिया है। इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता है। इस पर गंभीरता से विचार चल रहा है।
खंडपीठ से सरकार की स्टेटस रिपोर्ट पर गौर करने के बाद पाया कि 441 गैर स्थानीय छात्र, जिसमें 90 लड़कियां भी शामिल हैं, वे 25 अप्रैल तक कक्षाओं में मौजूद हैं। अन्य छात्र भी एनआईटी श्रीनगर पहुंचकर अपनी शिक्षा शुरू कर सकते हैं।
परीक्षा के लिए लिए 5 मई से 8 मई की दोबारा परीक्षा तारीख रखी गई है। सुरक्षा के अलावा अन्य सभी प्रार्थना पर खंडपीठ जरूरत नहीं समझता कि इस पर कोई प्रतिक्रिया दे और जनहित का निपटारा कर दिया।