प्रतिभा सम्मान समारोह की समाप्ति के बाद छात्र-छात्राओं ने अपनी खुशी और अपने जज्बातों को खुलकर सबके सामने साझा किया। कुछ छात्राओं ने स्टेज पर आकर ही अपनी बात रखी तो कुछ ने कम उम्र के बावजूद दूसरों को बड़ी सीख दे दी।
स्टेज पर आई एक छात्रा ने दूसरे छात्र-छात्राओं को संदेश देते हुए कहा कि परीक्षाओं में नंबरों के बीच हमे यह भी तय करना चाहिए कि हम खुद क्या करना चाहते हैं। पढ़ाई के साथ अपनी असली प्रतिभा को भी नजरअंदाज न करें जिससे जीवन में आगे बढ़ने की राह आसान रहे।
वहीं 12वीं के छात्र अब्दुल ने कश्मीर मुद्दे पर अपने नजरिए से हर किसी को हतप्रभ कर दिया। खुलकर बोलते हुए अब्दुल ने कहा कि हमें दूसरों की बातों में आने के बजाय एक जिम्मेदार नागरिक बनने पर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि हमारी पहचान इसी राज्य से है।
वहीं एक अन्य छात्रा ने इस मंच का इस्तेमाल अपने माता पिता की भूमिका को प्रणाम करने के लिए किया। उसने मंच पर अपने परिजनों को बुलाकर हर स्तर पर उसका सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। छात्रा की बातों को सुनकर हॉल्ा काफी देर तक तालियों से गूंजता रहा।
इसके अलावा छात्र-छात्राओं संग आए अभिभावकों ने भी अपने जज्बात साझा किए। उन्होंने अमर उजाला के इस अभिनव प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की।