अप्रत्यक्ष चुनाव के विरोध में छात्र नेता
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जम्मू विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव को लेकर बेशक नोटिफिकेशन जारी हो गया है और चुनाव आयुक्त किया जा चुका है, लेकिन छात्र अप्रत्यक्ष चुनाव नहीं चाहते। वह दूसरे विश्वविद्यालयों की तर्ज पर चुनाव के पक्षधर हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय लिंगदोह समिति की सिफारिशों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है। वह इन सिफारिशों के मुताबिक ओपन चुनाव चाहते हैं।
इसे लेकर एबीवीपी ने कैंपस में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन आफ इंडिया (एनएसयूआई) के प्रदेश अध्यक्ष नीरज कुंदन का कहना है कि चुनाव ओपन होने चाहिएं। अपरोक्ष चुनाव का कोई मतलब नहीं रह जाता। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष वह अपनी बात रखेंगे।
हालांकि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी बात पर अड़ा रहता है तो वह अभी तक जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक चुनाव में उतरने की भी तैयारी कर रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का भी चुनाव को लेकर यही दृष्टिकोण है। परिषद के विस्तारक अभिनव का कहना है कि वह भी ओपन चुनाव के पक्षधर हैं। वह पहले भी इस बात को उठा चुके हैं।