बुधवार तड़के आरोपी ने बच्चे को एएसआई के घर के बाहर छोड़ दिया और कहा कि लिफ्ट लेकर चला जाए। बच्चा लिफ्ट लेकर कुल्लड़ गांव तक पहुंचा। यहां उसे एक मौलवी ने देखा और पुलिस को सूचित किया। जिस मकान में बच्चे को रखा गया था उसमें नीचे दुकानें थीं और ऊपर मकान बना हुआ था।
मंगलवार को हुई थी डील
मंगलवार की शाम अनिरुद्ध के पिता और अपहरणकर्ताओं के बीच बातचीत हुई थी। डील तय हुई कि उत्तर वहनी और परमंडल रोड पर पैसे लिए जाएंगे। अनिरुद्ध के पिता जोगिंदर पुलिस कर्मियों के साथ तय जगह पर पहुंचे। वहां रुपये से भरा बैग रखा गया। एक गाड़ी में दो युवक आए, पैसे चेक किए और बैग उठा ले गए। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की क्योंकि गाड़ी में बच्चा नहीं था। इसके बाद जोगिंदर की दोबारा बात हुई। आरोपियों ने कहा कि बच्चा सुरक्षित घर पहुंच जाएगा। जोगिंदर ने पुलिस से कहा कि वह कोई कार्रवाई न करें, जब तक बच्चा घर नहीं आ जाता। इसके चलते पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकी।
पुलिस को गुमराह करने का प्लान बनाया
अपहरणकर्ताओं ने पुलिस को भी चकमा दे दिया। उन्होंने ऐसा प्लान तैयार किया कि पुलिस आगे-पीछे उलझी रही। आरोपियों ने अनिरुद्ध को इलाके के आसपास ही रखा। जानबूझकर उस वैन को लखनपुर में छोड़ दिया, जिसमें उसे अपहरण कर ले गए थे। उसमें बच्चे का स्कूल बैग भी छोड़ दिया ताकि यकीन हो जाए कि इसी गाड़ी में अपहरण किया गया था। एक आरोपी वहां वैन लेकर गया और वापस आ गया। आरोपियों में से कोई पंजाब चला गया तो कोई डोडा चला गया, ताकि पुलिस को गुमराह कर सकें।
मुख्य आरोपी अमृतसर में, जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंचेंगे
डीआईजी सुजित कुमार का कहना है कि बस इतना ही बता पाएंगे कि छात्र बरामद कर लिया गया है। मुख्य आरोपी अभी अमृतसर में है। इस कांड में चार से पांच लोगों का ग्रुप है। जिनकी पहचान कर ली गई है। जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंच जाएंगे।