मंगलवार रात अचानक आए तेज तूफान ने शहर की रफ्तार रोक दी। बारिश के साथ तेज हवाओं ने शहर और आसपास के इलाकों में जमकर तबाही मचाई। कई जगह पेड़ों के साथ दोपहिया वाहन गिर गए। टीन की छतें उड़ गईं।
मूसलाधार बारिश के बीच एक घंटे तक शहर थमा रहा। जो जहां था वहीं फंसकर रह गया। तूफान के साथ बारिश ने गरमी से राहत तो दिलाई लेकिन कुछ ही देर में सब कुछ पलट गया।
अमरनाथ यात्रियों के लिए संगम बैंक्वेट हाल, सरस्वती धाम के बाहर लगाए टेंट क्षतिग्रस्त हो गए। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 11 जुलाई तक जम्मू और कश्मीर के कई इलाकों में इंद्रदेव मेहरबान रहेंगे।
मंगलवार रात दस बजे तक सब कुछ शांत था। तभी अचानक तेज आवाज करती हुई हवाएं चलने लगीं। देखते ही देखते बादलों के गरजने के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई।
हवाओं की गति इतनी तेज थी कि उसके सामने खड़े रह पाना भी मुश्किल हो रहा था। तवी पुल पर फ्लाईओवर, ज्यूल, तालाब तिल्लो, गांधीनगर, शास्त्रीनगर, पुराने शहर में कई वाहन चालक फंस गए।