जम्मू। जीएमसी सहित अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों में कार्यरत सैकड़ों एसआरओ 384/409 एचडीएफ/एसडीएफ/एडहाक कर्मचारी मंगलवार को दूसरे दिन भी भूख हड़ताल पर रहे। जीएमसी परिसर में कर्मचारियों ने नियमितीकरण, वेतन सहित अन्य मांगों के लिए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर शीघ्र गौर नहीं किया गया, तो वे मजबूरन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। हड़ताल के चलते एसोसिएटेड अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए पैरा मेडिकल विद्यार्थियों की सेवाएं ली गईं।
जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी भूख हड़ताल की। फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने कहा कि जम्मू के एसोसिएटेड अस्पतालों में करीब 489 संबंधित एसआरओ के तहत कर्मचारी कार्यरत हैं। इसमें सुपर स्पेशलिटी जम्मू में सबसे अधिक 207, जीएमसी जम्मू में 152, एसएमजीएस अस्पताल में 105, चेस्ट डिजीज में 15 और साइक्रेटरी अस्पताल में 8 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें अधिकांश कर्मचारी सालों से सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन उनके नियमितीकरण को लेकर कोई नीति नहीं बनाई गई है। एसोसिएटेड अस्पतालों में सैकड़ों अस्थायी कर्मचारी रीढ़ की हड्डी की तरह काम कर रहे हैं। जीएमसी जम्मू ने 2017 में एक समझौते के तहत कश्मीर प्रशासन के साथ एसआरओ के तहत कर्मियों की मांगों को सरकार के समक्ष रखने का वादा किया था, लेकिन उस पर कुछ नहीं किया गया है। कर्मियों को स्थायी करने के साथ रविवार और गजटेड छुट्टी पर रोस्टर के तहत ड्यूटी दे रहे पैरा मेडिकल स्टाफ को ढाई दिन का वेतन देने, जोखिम भत्ता आदि की मांग की। भूख हड़ताल पर गौरव शर्मा, निर्मल सिंह, राजीव चोपड़ा, वीरता कोतवाल, मुख्तियार अहमद, पल्लवी, अभिषेक शर्मा, अश्विनी शर्मा, अंग्रेज सिंह, अनिल रैना आदि बैठे।
बीस फीसदी रूटीन आपरेशन प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। एसआरओ 384/409 एचडीएफ/एसडीएफ/एडहाक के सैकड़ों कर्मचारियों के दो दिन हड़ताल पर रहने से जीएमसी और एसोसिएटेड अस्पतालों में बीस फीसदी रूटीन आपरेशन प्रभावित हुए। इसका बड़ा कारण एनेथीसिया विभाग में अधिकांश स्टाफ का संबंधित एसआरओ के तहत कार्यरत होना रहा।
सूत्रों के अनुसार जीएमसी और एसएमजीएस में ही रोजाना 70 से अधिक रूटीन आपरेशन होते हैं। अस्पताल में रोजाना आरथो यूनिट के तीन थियेटरों में 10-12 रुटीन आपरेशन किए जाते हैं। इसी तरह सर्जरी के चार आपरेशन थियेटर में 12-14 और आई के दो में करीब 15 रुटीन आपरेशन किए जाते हैं। शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस में ईएनटी में करीब 15 और गायनी में इससे अधिक आपरेशन किए जाते हैं। इसके अलावा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जम्मू में कार्डियोलाजी, सीटीवीएस और यूरोलाजी यूनिटों में दर्जनों आपरेशन किए जाते हैं। सैकड़ों कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से कुल रूटीन आपरेशनों में बीस फीसदी कम हुए। जीएमसी के अधीक्षक डा. दारा सिंह के अनुसार हड़ताल की पूर्व सूचना से स्टाफ की व्यवस्था की गई थी। इसमें स्थायी स्टाफ की छुट्टियां रद करने के साथ पैरा मेडिकल विद्यार्थियों की सेवाएं ली गईं।