नियमित करने की मांग, 2019 के प्रशासनिक परिषद के फैसले पर हो अमल
जम्मू। प्रदेश में बिजली कारपोरेशन के कनिष्ठ से लेकर मुख्य अभियंता तक कुल 27 हजार कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने मंगलवार दोपहर 12 से लेकर बुधवार शाम 5 बजे तक काम बंद रखा। सरकारी योजना व प्रोजेक्टों सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों में साइन करने का काम नहीं हो पाया।
बुधवार को ग्लाडनी पावर ग्रिड नरवाल में कर्मचारियों ने एकत्र होकर विरोध जताया। इस मौके पर जेएंडके इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट एसोसिएशन के महासचिव सचिन टिक्कू ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। अब तक 2019 में प्रशासनिक परिषद के फैसले पर कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया है। यह कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कनिष्ठ अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक चल रहे खाली पदों को नहीं भरा जा रहा है। सेवारत कर्मचारियों के पदों को भरने की मांग की जा रही है। अब हालत यह है कि अधिकारियों को नियमित वेतनमान जारी नहीं हो रहा है। इससे कार्यालय सहित घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है। वेतनमान नियमित रूप से हर माह मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से शुरू नहीं हो पाई है। इस पर सरकार जल्द से जल्द प्रक्रिया शुरू करे और कर्मचारियों को लाभ पहुंचाए। विभागीय पदोन्नति भी नहीं हो रही है। अधिकारी एक ही पद पर लंबे समय से काम कर रहे हैं।
दिन रात काम किया जा रहा है, मगर कर्मचारियों की मांगों को अनसुना किया जा रहा है। 2019 में हड़ताल के बाद सरकार ने भरोसा दिलाया था कि मांगें पूरी होंगी, मगर अब तक नहीं हुई। कश्मीर घाटी और जम्मू संभाग के अन्य जिलों में जिला व मंडल स्तर पर हड़ताल हुई। इस दौरान काम बंद रखा गया है।
इन एसोसिएशन ने दिया हड़ताल को समर्थन: इसमें प्रोविंस पावर इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष शक्ति गुप्ता, लाइनमैन वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष अनिल स्लाथिया, टेक्निकल इंप्लाइज फेडरेशन के अध्यक्ष हरदर्शन सिंह के अलावा अस्थायी कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष अखिल शर्मा मौजूद रहे।
अधिकारियों के पद चल रहे खालीमौजूदा समय में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद, मुख्य अभियंता के 15 में से 10, अधीक्षण अभियंता के 36 में से 23, एक्सईएन के 124 में 64, एईई के 394 में से 110, जबकि जेई के 1100 में से 400 पद खाली चल रहा है। मौजूदा समय में अधिकारियों को अतिरिक्त काम देखना पड़ रहा है।
हड़ताल के कारण खाली रहे कार्यालय: हड़ताल के कारण बिजली कारपोरेशन के अधिकांश कार्यालय खाली रहे। अधिकारी ग्लाडनी पावर ग्रिड में हड़ताल में पहुंचे। काम करवाने और शिकायतें लेकर आने वाले लोग मायूस होकर वापस लौटे। दिनभर अधिकारियों ने काम नहीं किया। इस कारण परियोजनाओं के काम सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों पर भी साइन नहीं हो पाए। ब्यूरो