जम्मू संभाग में आर्थिक अपराधों में तेजी के बीच ईओडब्ल्यू ने ढाई दशक में सबसे अधिक 67 मामले दर्ज कर 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में करीब 20 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ और 1186 जन शिकायतों का समाधान करते हुए 3599 अपराध स्थलों का दस्तावेजीकरण किया गया।
जम्मू संभाग में आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध विंग (ईओडब्ल्यू) ने ढाई दशक में सबसे अधिक 67 मामले दर्ज कर 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ईओडब्ल्यू ने जिन मामलों की जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की, उनमें करीब 20 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ।
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आंकड़े बताते है कि जम्मू संभाग में आर्थिक अपराध कितनी तेजी से बढ़ रहा है। गिरफ्तारी के लिए टीमें अन्य राज्यों में भेजी गईं। धोखाधड़ी, जालसाजी, नौकरी, भूमि घोटाला, वीजा फ्रॉड, सरकारी धन का दुरुपयोग और फर्जी जॉब कंसल्टेंसी जैसे मामलों की जांच हुई। इनमें संगठित भूमि माफिया, आदतन अपराधी और पेशेवर ठग शामिल मिले। जन शिकायत निवारण में भी विंग ने अहम भूमिका निभाते हुए 1186 शिकायतों का समाधान किया।जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में 3599 अपराध स्थलों का फोटोग्राफिक दस्तावेजीकरण कर आरोपियों के खिलाफ जांच को मजबूती दी।