फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कारगिल गाथा: मोर्चे पर धावा बोल हथिया लिया दुश्मन का गोला-बारूद

Sat, 09 Jul 2016 12:28 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
विज्ञापन
महावीर चक्र व‌िजेता सिपाही इम्लियाकुम - फोटो : ADGPI - Indian Army
विज्ञापन
8 जुलाई 1999
विज्ञापन

मश्कोह घाटी में 15 हजार फुट की ऊंचाई वाली पोजीशन पर बैठा दुश्मन लगातार मोर्टार दाग रहा था। दुर्गम और सामरिक दृष्टि से सुरक्षित पोजीशन से दागे जा रहे मोर्टार भारतीय सेना के लिए चुनौती बने हुए थे।

इस पोजीशन तक पहुंचने और कब्जाने के लिए दो नागा के सिपाही इम्लियाकुम ने असंभव को संभव कर दिखाया। वह बेखटके मोर्टार पोजीशन तक पहुंचकर दुश्मन पर टूट पड़े। फायरिंग के बजाय हैंड टू हैंड फाइट हुई, जिसमें सिपाही इम्लियाकुम की फुर्ती ने दुश्मन के होश उड़ा दिए।
विज्ञापन


इम्लियाकुम ने मोर्टार दाग रहे दोनों दुश्मनों को वहीं ढेर कर भारी असलहे पर कब्जा कर लिया। उन्होंने 120 एमएम के तीन और 81 एमएम के दो मोर्टार के अलावा भारी मात्रा में दुश्मन का गोला-बारूद हथिया लिया।
विज्ञापन


इम्लियाकुम की इस अभूतपूर्व सफलता ने दुश्मन की बेहद सुरक्षित मोर्टार पोजीशन पर भारतीय सेना को कब्जा दिला दिया। सिपाही इम्लियाकुम की बहादुरी, दृढ़ता और आत्मविश्वास के लिए उन्हें भारतीय सेना के दूसरे सर्वोच्च सम्मान महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें