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मेटाडोर से जाने वाले अब रहेंगे सुकून में

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शहर में अनियंत्रित बसों की रफ्तार पर शिकंजा कसा जाएगा। कोई भी मेटाडोर चालक अपनी मर्जी से कहीं भी मेटाडोर खड़ी कर यात्रियों को नहीं चढ़ा पाएगा। यही नहीं, चालकों द्वारा नंबर को लेकर लगने वाली रेस पर भी अंकुश लगेगा।
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चालकों को एक तय समय के मुताबिक ही चलना होगा। यातायात विभाग ने शहर में बस बाक्स बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए एक कमेटी का भी गठन किया है, जो शहर में 50 जगहों का चयन करेंगे। यहीं पर शहर में चलने वाली मेटाडोर रुकेंगी।

एसएसपी ट्रैफिक मोहन लाल का कहना है कि शहर में मेटाडोर कहीं पर भी रोक दी जाती हैं। इससे जाम की स्थिति बनती है। यात्रियों की जान को भी खतरा रहता है। हादसे होने की आशंका भी बनी रहती है। इसलिए बस बॉक्स पर वाहनों को रोकने की योजना बनाई गई है। एक-दो दिन में इस पर बैठक होगी। इसके बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।
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हर रोज 2200 मेटाडोरों का संचालन

आरटीओ, जिला सहायक उपायुक्त, नगर निगम के संयुक्त सचिव/सचिव कमेटी में शामिल होंगे। इन्हें ही तय करना है कि शहर में किन 50 स्थानों पर बस बॉक्स बनाए जाएं। अगले कुछ दिन में बैठक होनी है।

वहीं चयनित 50 जगहों पर पीले रंग का एक बॉक्स बनाया जाएगा। 30 फुट लंबाई वाले इस बॉक्स में ही मेटाडोर खड़ी होंगी। यहीं पर यात्रियों को बस में बैठाना और बस से उतारना होगा। इसकी मानीटरिंग के लिए यातायात कर्मियों को भी नियुक्त किया जाएगा।

इस समय शहर में हर रोज 2200 मेटाडोरों का संचालन हो रहा है। शहर के अलावा आसपास की मेटाडोरों को शामिल करें, तो संख्या 4360 तक पहुंच जाती है। शहर में मेटाडोर के चलने का कोई सिस्टम नहीं। इसलिए हर वक्त चालकों में रेस लगी रहती है। हर चालक ओवरटेक कर पहले सवारी उठाने का प्रयास करता है। इससे हादसों की आशंका रहती है।
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