जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की समाप्ति के साथ उत्पन्न हालात तथा कारोबारी गतिविधियां बाधित होने के मद्देनजर ऋण अदायगी की अवधि 90 दिन बढ़ाने की सिफारिश की गई है। प्राकृतिक आपदा की तर्ज पर राज्य के वर्तमान हालात को देखते हुए यह छूट देने की सिफारिश आरबीआई को भेजी गई है।
मंगलवार को श्रीनगर में हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की बैठक में हुए फैसले में कहा गया है कि अगस्त से कारोबारी गतिविधियां ठप होने से ऋणदाताओं तथा बैंकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूरी स्थिति की समीक्षा के बाद सिफारिश की गई कि ऋण अदायगी की समय सीमा बढ़ाने के साथ ही आय तथा संपत्तियों के वर्गीकरण मानकों में भी छूट दी जाए।
आरबीआई के मास्टर सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा गया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित इलाकों में बैंकों की ओर से राहत उपाय किए जाते हैं। इसी तर्ज पर मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए इस सर्कुलर को प्रभावी किया जाए। फैसले से ऋणदाताओं तथा बैंकों को राहत मिलेगी और वे मौजूदा चुनौतियों से बाहर आ पाएंगे।
बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने की। इसमें जेके बैंक के चेयरमैन तथा एमडी आरके छिब्बर, वित्त आयुक्त अरुण कुमार मेहता, प्रधान सचिव नवीन चौधरी सहित आरबीआई, नाबार्ड और कई बैंक के प्रतिनिधि मौजूद रहे।