प्रथम चरण के मतदान की तारीख करीब आते ही सियासी माहौल गरमाने लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 नवंबर को कांग्रेस और नेकां के गढ़ को भेदने के लिए हल्ला बोल की शुरुआत करने वाले हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल अपने इस दुर्ग को बचाने के लिए अगले हफ्ते मैदान में उतरेंगे।
नेकां की ओर से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अकेले मोर्चा संभाल रखा है, जबकि पीडीपी की ओर से पिता-पुत्री की जोड़ी जीतोड़ मेहनत कर रही है। मुफ्ती मोहम्मद ने जम्मू संभाग में और महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर में नेकां पर हमला तेज कर दिया है। बसपा प्रमुख मायावती अंतिम तीन चरणों के लिए 7 दिसंबर से अभियान की शुरुआत करेंगी, हालांकि बसपाई अभी से मोर्चे पर डटे हैं।
मिशन कश्मीर के लक्ष्य पाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले कांग्रेस तथा नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के गढ़ से हल्ला बोलेंगे। जम्मू संभाग में मोदी की 22 नवंबर को रैली प्रस्तावित है। पहले तथा दूसरे चरण की जिन 33 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें से ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस तथा नेकां का कब्जा है।
मोदी ने अपनी रैली की शुरुआत इन्हीं दो पार्टियों के गढ़ से शुरू करने की रणनीति बनाई है। प्रधानमंत्री के विदेश दौरे से लौटते ही यहां की रैली रखी गई है क्योंकि प्रथम चरण के लिए 23 नवंबर को प्रचार अभियान बंद हो जाएगा।