दो दिन पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने जम्मू-कश्मीर में लागू आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट (अफस्पा) को ‘अप्रिय कानून’ की संज्ञा दी थी, वहीं रियासत के कांग्रेस अध्यक्ष प्रो. सैफुद्दीन सोज ने रविवार को इसे हटाने की वकालत की।
प्रो. सोज ने इस मामले में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि रैलियों में अफस्पा पर सिर्फ भाषण देने की बजाय इस कानून को हटाने के लिए सैन्य जनरल से बात करते तो ज्यादा अच्छा होता। मुख्यमंत्री खुद यूनिफाइड कमान के चीफ हैं। उन्हें पता है कि कैबिनेट में इस मुद्दे को पारित कर केंद्र सरकार को भेजना होगा।
ढाई साल पहले उन्होंने तत्कालीन जनरल से बातचीत करने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय और वर्तमान के हालात में काफी सुधार हो चुका है।
इसलिए यह सही समय है कि अफस्पा हटाया जाए। कश्मीर में शांति का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि एक दिन पहले वहां आयोजित रोड शो के दौरान महिलाएं सड़कों पर गीत गातीं और डांस करतीं नजर आईं। प्रो. सोज जम्मू दौरे के दौरान प्रेस से बातचीत कर रहे थे।