नाटक के मंचन के दौरान अभिनय करते कलाकार स्रोत नटरंग
जम्मू। संडे नाटक सीरीज में नटरंग ने प्रो. मदन मोहन शर्मा के लिखित डोगरी नाटक डायरी कुसे लोकनाथ दी का मंचन किया। नीरजकांत के निर्देशन में मंचित नाटक संघर्ष, मोहभंग और सपनों की दास्तां को बयां करता है, जो दर्शकों को जोड़े रखता है। नाटक की कहानी लोकनाथ की डायरी पर आधारित है, जिसे लेखक का बेटा घर लाता है।
यहां डायरी का आकर्षक कवर देखकर लेखक पढ़ने से खुद को रोक नहीं पाता। एक-एक पन्ना पढ़ते उसके सामने लोकनाथ का जीवन आता है। शुरुआती पन्नों में लोकनाथ हर किसी से मोहभंग और ईश्वर से भी विश्वास खोता दिखाई देता है। जीवन में उत्साह की तलाश में वह ट्यूशन पढ़ाना शुरू करता है। अपने बॉस के बच्चों को पढ़ाते हुए बॉस की साली से प्रभावित हो जाता है।
आकर्षण के बावजूद साहस न जुटा पाने के कारण अंततः वह अपने इरादे बदल देता है, क्योंकि उसे नौकरी और ट्यूशन खोने का डर सताने लगता है। नाटक में पूरा घटनाक्रम जीवंत रहा। लेखक के रूप में नीरजकांत ने सटीक भाव-भूमि प्रस्तुत की। पवन वर्मा ने ‘लोकनाथ’ के अंतर्द्वंद्व को प्रभावशाली ढंग से निभाया। प्रकाश और संगीत संयोजन कार्तिक कुमार ने किया। मोहम्मद यासीन ने शो का समन्वय संभाला। ब्यूरो