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एसएसपी ट्रांसफर नहीं, छुट्टी पर भेजे गए

Wed, 10 Jun 2015 11:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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भिंडरावाला पोस्टर विवाद में सिखों ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा किया है। सिख यूनाइटेड फ्रंट (जेएंडके) के प्रेसीडेंट सुदर्शन सिंह वजीर ने सिख संगठनों की साझा प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि सिख युवक की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए भले ही प्रशासन ने मुआवजे और कार्रवाई की घोषणा की, लेकिन हकीकत यह है कि घोषणा कुछ हुई और लागू कुछ किया गया।
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उन्होंने कहा कि प्रशासन ने एसएसपी उत्तम चंद को स्थानांतरित करने की घोषणा की, लेकिन हकीकत यह है कि उन्हें छुट्टी पर भेजा गया है और उनके स्थान पर अभी तक कोई स्थायी एसएसपी नियुक्त नहीं किया गया।

वजीर ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता, सांसद जुगल किशोर ने सरकार की ओर से महंत मंजीत सिंह के साथ बैठक की थी। उसमें उन्होंने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच आयोग बैठाने का वादा किया था, लेकिन बाद में डिवीजनल कमिश्नर को जांच सौंप दी गई, जबकि डिवकाम प्रशासन के मुखिया होने के कारण खुद आरोपी हैं, तो उनसे न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
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उन्होंने कहा कि युवक की मौत की हत्या के आरोप में पीएसओ के खिलाफ आरपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसके हाथ में एके-47 थी, लेकिन सूत्रों का कहना है कि युवक की मौत एके-47 की गोली से नहीं, बल्कि रिवाल्वर की गोली से हुई। सवाल यह उठता है कि रिवाल्वर से किसने गोली मारी। फायरिंग का आदेश किसने दिया यह भी जांच का विषय है।

कानून के अनुसार मजिस्ट्रेट ही फायरिंग का आदेश दे सकता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। यह तमाम सवाल दर्शाते हैं कि प्रशासन ने सिखों की आंखों में धूल झोंकने का काम किया है, लेकिन जब तक न्याय नहीं मिलेगा, सिख आराम से नहीं बैठेंगे।
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