प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन कश्मीर के तहत रियासत की दोनों राजधानियों जम्मू और श्रीनगर को स्मार्ट सिटी घोषित कर एक तीर से कई निशाने साधे हैं। केंद्र सरकार ने दांव चलकर रियासत में विपक्षियों की बोलती बंद कर दी है। अलगाववादियों को भी चेहरा दिखाया है।
दोनों शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने को अवाम का विश्वास जीतने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है। महबूबा को साधने के साथ ही क्षेत्रीय संतुलन बनाने में भी सफल रहे हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत रियासत के केवल एक शहर को ही इस सूची में शामिल किया जाना था।
रियासत की गठबंधन सरकार ने सहयोगी पार्टनर तथा क्षेत्रीय टकराव की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार से दोनों राजधानियों को स्मार्ट सिटी में शामिल करने का अनुरोध किया। पिछले वर्ष विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने दोनों शहरों को स्मार्ट सिटी में शामिल करने के लिए प्रतियोगिता में शामिल होने की केंद्र सरकार की ओर से अनुमति दिए जाने की घोषणा की। इसके बाद नेकां-कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष हमलावर हो गया।
दोनों राजधानियों के समुचित विकास में मदद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : फाइल फोटो
इन्होंने सरकार पर रियासत की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। अलगाववादियों ने भी विपक्षियों के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि सरकार लोगों की भावनाओं से खेल रही है। खासकर पीडीपी पर निशाना साधते हुए उसे केंद्र सरकार की कठपुतली तक कहा था। जम्मू में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
स्मार्ट सिटी की दूसरी सूची में भी जब रियासत का नाम नहीं आया तो पीडीपी-भाजपा का विरोध और शुरू हो गया। जानकारों का कहना है कि दोनों शहरों के स्मार्ट सिटी बनने से क्षेत्रीय असंतुलन के आरोप से सरकार बची रहेगी और दोनों राजधानियों का समुचित विकास होगा। विपक्ष तथा अलगाववादियों के पास अब स्मार्ट सिटी के नाम पर सरकार का विरोध करने जैसे मुद्दे नहीं रह जाएंगे।
सरकार की कथनी-करनी में फर्क नहीं : निर्मल
डिप्टी सीएम डॉ. निर्मल सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
दोनों शहरों के स्मार्ट सिटी बनने का लोगों ने स्वागत किया है। रियासत के डिप्टी सीएम तथा आवास एवं शहरी विकास मंत्री डा. निर्मल सिंह का कहना है कि गठबंधन सरकार की कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं है। सरकार ने जो कहा उसे पूरा किया है। स्मार्ट सिटी के नाम पर राजनीति की रोटी सेंकने वाले विपक्षियों को करारा जवाब मिल गया है। सरकार का पूरा ध्यान रियासत के हर खित्ते के विकास पर है। केंद्र सरकार का इसमें पूरा सहयोग मिल रहा है।