श्रीनगर के लाल चौक पर कुछ लोगों द्वारा तिरंगा फहराने की कोशिश की गई। स्थानीय लोगों ने उनकी पिटाई कर तिरंगे का अपमान किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन लोगों को स्थानीय लोगों के चंगुल से छुड़ाया।
जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के बीचो बीच स्थित घंटाघर पर मंगलवार दोपहर को उस समय हंगामा शुरू हुआ, जब कुछ दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने वहां तिरंगा फहराने की कोशिश की। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि जैसे ही उन्होंने तिरंगे को निकालकर फहराने की कोशिश की, वहां मौजूद स्थानीय लोग उनपर टूट पड़े। उनसे तिरंगा छीन लिया। इस बीच स्थानीय लोगों द्वारा उनकी जमकर पिटाई भी की गईं।
पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और उन्हें स्थानीय लोगों के चंगुल से छुड़ाकर एतिहातन तौर पर हिरासत में लिया। बता दें कि स्थानीय लोगों द्वारा तिरंगे को पैरों तले रौंदकर उसका अपमान किया।
इस दौरान उन्होंने आजादी के हक में नारेबाजी भी की। साथ ही जाकिर मूसा के समर्थन में भी नारे लगाए। यह देख वहां मौजूद सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें वहां से खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया गया।
वहीं पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि करीब 8 से 9 लोग थे जो झंडा फहराने पहुंचे थे। पुलिस द्वारा उनसे पूछताछ करने की कोशिश की तो वह वहां से भाग निकले। लेकिन उनमें से 3 लोगों को एक गली में लोगों ने दबोच लिया, उनकी पिटाई शुरू कर दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें छुड़ाया। अधिकारी ने बताया कि फिलहाल वो थाने में ही हैं। अधिकारी ने कहा कि अभी उनसे पूछताछ जारी है जानकारी मिलने पर साझा की जाएगी। इस बीच पुलिस द्वारा माईसुमा पुलिस स्टेशन में धारा 341ए, 506 और 323 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गईं है।
गौरतलब है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी पिछले साल शिव सेना के करीब दर्जन भर समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया था जब वह तिरंगा फहराने लाल चौक पहुंचे थे।
बता दें कि 1992 में आतंकवाद जब पूरे चरम पर था तब भाजपा अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर गणतंत्रता दिवस के मौके पर ऐतिहासिक लाल चौक में तिरंगा फहराया था।