शोपियां की मोलू चित्रगाम निवासी वकील के साथ-साथ पीएचडी स्कॉलर, एक दर्जन से अधिक लोगों को दे रहीं रोजगार
अंगूर, कीवी और सब्जियां उगाने के साथ पोल्ट्री और इमू पालन
संवाद न्यूज एजेंसी
शोपियां। सफलता के लिए इच्छा शक्ति और जुनून जरूरी है। इसी के बल पर शोपियां जिले के मोलू चित्रगाम निवासी पीएचडी स्कॉलर सैयद शाजिया लतीफ ने बागवानी, कृषि और पशुपालन अपनाकर सफलता पाई है। साथ ही वह एक दर्जन से अधिक लोगों को रोजगार भी दे रही हैं।
वह अंगूर, कीवी और सब्जियां उगाती हैं। साथ ही एमू पालन भी कर रही हैं। इस कारण वह क्षेत्र में लोगों के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं। पीएचडी स्कॉलर ने बताया कि कोविड लॉकडाउन के दौरान दुनिया रुक गई थी। लेकिन, परिवार को बहुत कम परेशानी हुई। हमारे पास घरेलू पोल्ट्री, डेयरी, सब्जियां, मछली और फल उपलब्ध थे। उस समय ने मुझे मेरी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि फार्म एक प्रशिक्षण स्थल बन चुका है, जहां किसान नई तकनीकें सीखने आते हैं।
कानूनी प्रैक्टिस छोड़ पहले किसानी में रखा कदम, अब चढ़ रहीं सफलता की सीढि़यां
साजिया एक वकील भी हैं। उन्होंने कानूनी प्रेक्टिस को छोड़कर किसानी में कदम रखा। इसके बाद से वह सफलता की सीढि़यां चढ़ती जा रही हैं। बागवानी के साथ वह पारंपरिक और गैरपारंपरिक दोनों फसलें उगाती हैं। बताया कि सक्रिय कानूनी प्रैक्टिस छोड़ने और पूरी तरह से खेती के लिए समर्पित होने का निर्णय लिया। इसके बाद आधुनिक कृषि विधियां अपनानी शुरू कीं। उनका फार्म एक स्थायी कृषि का मॉडल बन गया है, जो एकीकृत खेती की आर्थिक संभावनाओं को दिखाता है।
एमू पालन से खुद को किया साबित
उन्होंने बताया कि एमू पालन को क्षेत्र में लाकर साबित किया है कि नवोन्मेषी कृषि विधियां किस तरह से महत्वपूर्ण लाभ दे सकती हैं। कृषि में नवाचार की अत्यधिक संभावना है। यदि शिक्षित युवा आगे आते हैं, तो हम इस उद्योग को बदल सकते हैं। अपने फार्म के अलावा, वह समुदाय की पहुंच में भी सक्रिय हैं, स्थानीय किसानों को स्थायी विधियों और फसलों और पशुपालन में विविधता के लाभों के बारे में जागरूक कर रही हैं।