हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मियां अब्दुल कयूम के घर पहुंची पुलिस
- फोटो : बासित जरगर
पुलिस ने बुधवार की सुबह जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मियां कयूम समेत तीन वरिष्ठ वकीलों के श्रीनगर स्थित घरों पर छापे मारे। इस दौरान डिजिटल उपकरण, बैंक स्टेटमेंट, संपत्ति बिक्री से जुड़े कागजात, संदिग्ध किताबें और अन्य सामान जब्त किया है। यह कार्रवाई एडवोकेट बाबर कादरी की हत्या के मामले में की गई है।
कश्मीर रेंज के एडीजी विजय कुमार के अनुसार, श्रीनगर पुलिस ने बुधवार को चार स्थानों पर एक साथ दबिश दी। जिनमें से दो बरजुल्ला, एक ब्रेन निशात और एक माईसुमा स्थित तीन वरिष्ठ वकीलों के घर और कार्यालय शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मियां अब्दुल कयूम, मुजफ्फर अहमद और मंजूर अहमद डार के ठिकानों की उक्त हत्याकांड की जांच को आगे बढ़ाने के लिए तलाशी ली गई।
गौरतलब है कि पेशे से वकील बाबर कादरी की 24 सितंबर 2020 को उनके आवास पर आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। लाल बाजार पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है और वे मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
इस हत्याकांड में जम्मू कश्मीर पुलिसने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया था जिसकी जांच में यह पता चला था कि बाबर कादरी की हत्या का पूरा षड्यंत्र श्रीनगर सेंट्रल जेल से रचा गया था। एसआईटी ने सेंट्रल जेल में ही बंद दो आतंकियों का नाम भी अपनी रिपोर्ट में दिया था जिस में मुनीर अजीज उर्फ कारी और तौसीफ अहमद शाह शामिल थे।
पुलिस ने लश्कर कमांडर को बताया था हत्या का प्रमुख आरोपी
पुलिस ने हालांकि अगस्त 2021 में श्रीनगर के बरजुला निवासी लश्कर-ए-ताइबा के कमांडर साकिब मंजूर समेत टीआरएफ के अब्बास शेख को एक ऑपरेशन में मारे जाने के बाद यह दावा किया था कि बाबर कादरी की हत्या में साकिब मंजूर प्रमुख तौर पर शामिल था। बता दें कि बाबर कादरी ने ऑल जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स जस्टिस पार्टी की शुरुआत की थी और खुद को अध्यक्ष भी घोषित किया था जिससे नाराज़ होकर जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने उनकी सदस्यता को रद्द कर दिया था ।