अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। निफ्ट श्रीनगर में ‘रंग-ए-चिनार’ का आयोजन हमारे रचनात्मक पारिस्थितिकी तंत्र को समृद्ध करता है। यह छात्रों को डिजाइन, कला और नवाचार के संगम का अनुभव करने का एक अमूल्य अवसर प्रदान करता है।
इस तरह की पहल कल्पना को प्रेरित करती है और सांस्कृतिक चेतना का पोषण करती है जो समग्र रचनात्मक दिमाग को आकार देने के लिए आवश्यक है। यह बातें निफ्ट की निदेशक प्रो. मोनिका ने कहीं। वह शुक्रवार को राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) में ‘रंग-ए-चिनार’ राष्ट्रीय कला कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने लाइव पेंटिंग, प्रदर्शनी और रचनात्मक संवाद के एक गतिशील सत्र में छात्रों के साथ बातचीत की।
यह कार्यक्रम मास्टर संसार चंद बारू मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट (एमएससीबीएमसी) की ओर से पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया था।
एमएससीबीएमसी ट्रस्ट की अध्यक्ष अनुराधा ऋषि ने कला को बढ़ावा देने तथा पहाड़ी लघु कला के अंतिम प्रतिपादक मास्टर संसार चंद बारू की विरासत को संरक्षित करने के ट्रस्ट के मिशन की पुष्टि की। गांदरबल के एसएसपी खलील पोसवाल ने रचनात्मक और रचनात्मक पहलों के माध्यम से युवा ऊर्जा को दिशा देने के ट्रस्ट के निरंतर प्रयासों की प्रशंसा की।
कार्यक्रम में प्रख्यात कलाकार तस्लीमा सोना, डॉ. राखी कुमार, डॉ. प्रीति संयुक्ता, सुप्रिया अंबर, देबाशीष दत्ता, शर्मिला शर्मा, दीपू कुमार, किशन कपारी, अपूर्व कराती, एके डगलस और जावेद इकबाल ने लाइव पेंटिंग प्रदर्शन आयोजित किए। छात्रों और संकाय सदस्यों के साथ बातचीत की। उनकी कलाकृतियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रतिबिंबित किया।