- सकीना इत्तू बोलीं लोन ने हजारों युवाओं के हाथों में बंदूक थमाकर उन्हें मरवाया
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख रहे मोहम्मद यासीन मलिक के मामले में शुरू हुआ घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। एक तरफ पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यासीन मलिक के खिलाफ मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का अनुरोध किया। इस पर पलटवार करते हुए पीपुल्स काॅन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने कहा कि मुफ्ती का सत्ता में रहते हुए मलिक के प्रति रवैया अलग था। इस बीच नेशनल काॅन्फ्रेंस की नेता एवं कैबिनेट मंत्री सकीना इत्तू ने सज्जाद लोन पर मोर्चा खोल दिया, कहा लोन ने हजारों युवाओं के हाथों में बंदूक थमाकर उन्हें मरवाया। बता दें कि मलिक को फरवरी 2019 में गिरफ्तार किया गया था और वह कई मामलों का सामना कर रहे हैं। इनमें रूबिया सईद के अपहरण, 1990 में रावलपोरा में वायुसेना के जवानों पर हमले और 2017 में एनआईए द्वारा दर्ज आतंकवाद-वित्तपोषण का मामला शामिल है। मलिक ने दावा किया था कि वह हृदय और गुर्दे की गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और वर्तमान में जीवन-मरण के बीच जूझ रहे हैं।
महबूबा ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, मैंने अमित शाह को पत्र लिखकर यासीन मलिक के मामले को मानवीय दृष्टिकोण से देखने का अनुरोध किया है। हालांकि मैं उनकी राजनीतिक विचारधारा से असहमत हूं, लेकिन हिंसा का त्याग करके राजनीतिक जुड़ाव और अहिंसक असहमति का रास्ता चुनने के उनके साहस को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं लोन ने पीडीपी प्रमुख पर पलटवार करते हुए कहा, मैं महबूबा मुफ्ती से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने किसके कहने पर गृह मंत्री को पत्र लिखा है? क्या उन्होंने उनसे (मलिक से) पूछा है? मैंने (मलिक का) हलफनामा देखा है जो ऑनलाइन है। वह साहसपूर्वक कह रहे हैं कि वह इस मामले में मुकदमा नहीं लड़ना चाहते। अगर मलिक को यूएपीए मामले में रिहा भी कर दिया जाता है तो भी उनके खिलाफ कई अन्य मामले लंबित हैं जिनमें से एक में महबूबा मुफ्ती की बहन ने मलिक की पहचान की थी। लोन ने कहा, उस समय उन्होंने उसे फंसाया और आज आंसू बहा रही हैं।
उधर, कुलगाम जिले के दमहाल हांजीपोरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सकीना इत्तू ने लोन पर वार किया और कहा, लोन साहब, आपने युवाओं के हाथों में बंदूकें थमा दीं। आपने उनसे कहा कि प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान जाओ, बंदूकें वापस लाओ और फिर हमें आजादी मिलेगी। आपने हजारों युवाओं को मरवा दिया और कब्रिस्तान भर दिए। मंत्री ने लोन पर पीडीपी-भाजपा सरकार में समाज कल्याण मंत्री रहते हुए मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, आपने आजादी का नारा दिया और फिर भाजपा सरकार में समाज कल्याण मंत्री बन गए। उस समय आपने आरक्षण या लोगों के मुद्दों पर कुछ नहीं कहा।
यासीन मलिक आतंकवादी, नहीं मिलेगी माफी : अल्ताफ
भाजपा के वरिष्ठ नेता अल्ताफ ठाकुर ने महबूबा मुफ्ती के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए दो टूक कहा कि यासीन मलिक एक आतंकवादी है। भारतीय वायुसेना के चार अधिकारियों को मारने वाला यासीन मलिक, कश्मीरी पंडितों का नरसंहार करने वाला यासीन मलिक, उनकों यहां से निकालने में सबसे ज्यादा हाथ उसका है। ऐसे आतंकवादी को या मौत मिलती है या जेल। यह मोदी सरकार है - आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता। यह मनमोहन सिंह वाली सरकार नहीं जहां आतंकवादी के लिए ''''रेड कारपेट'''' बिछाया जाए। मलिक द्वारा एफिडेविट पेश करने को लेकर अल्ताफ ने कहा कि उसके एफिडेविट देने से उसके गुनाह माफ नहीं किए जा सकते हैं।
जो कोई भी इस देश और लोकतांत्रिक व्यवस्था में
विश्वास करता है, उसे मौका दिया जाना चाहिए : सादिक
नेशनल कांफ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता और जडीबल से विधायक तनवीर सादिक ने कहा कि जो कोई भी हिंसा को त्यागता है, जो बंदूक को त्याग देता है उसे मौका दिया जाना चाहिए। हमारी पार्टी का लगातार यही रुख रहा है कि जो कोई भी हिंसा से दूर रहता है, उसे मौका दिया जाना चाहिए। अतीत में ऐसे कई उदाहरण रहे हैं। इनमें से एक पार्टी भाजपा का हिस्सा रही है, जो हिंसा को त्याग चुकी थी। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि महबूबा मुफ्ती के साथ हमारे कई मतभेद हो सकते हैं लेकिन इस पर विचार किया जाना चाहिए। मुझे लगता है कि उन्हें मौका दिया जाना चाहिए - यासीन मलिक, इंजीनियर राशिद को भी मौका दिया जाना चाहिए। जो कोई भी इस देश और इसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करता है, उसे मौका दिया जाना चाहिए।
मलिक हिंसा को छोड़कर मुख्यधारा में आ गया था इसलिए हो सकता है उसे माफ किया होगा : मुजफ्फर
श्रीनगर। जम्मू संभाग के राजोरी-थन्ना मंडी से विधायक एडवोकेट मुजफ्फर इकबाल खान ने महबूबा मुफ्ती द्वारा यासीन मलिक को लेकर गृह मंत्री को भेजे गए पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हो सकता है जो यासीन मलिक ने उनके परिवार के साथ किया होगा उन्होंने उसको लेकर उसे (मलिक) माफ कर दिया हो। वह हिंसा को छोड़कर मुख्यधारा में आ गया था इसलिए हो सकता है कि पुरानी बातें भूलकर उसे माफ किया होगा।