श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जेकेएलएफ अध्यक्ष यासीन मलिक के मामले को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए बल्कि इसे न्यायपालिका पर छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मलिक हमेशा बातचीत के पक्षधर रहे हैं।
पत्रकारों से बातचीत में उमर ने कहा कि उन्होंने कभी हथियार उठाए थे लेकिन बाद में शांति और संवाद का रास्ता चुना। न्यायालय पर राजनीतिक दबाव डालना उचित नहीं है, देखते हैं आगे क्या होता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र प्रभावित लोगों को मुआवजा देने के लिए एक अच्छा पैकेज देगा। उन्होंने बताया कि हाल की बाढ़ से 330 पुल बह गए, 1500 किमी सड़कें और कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और फसलों व बागवानी को भी भारी नुकसान हुआ है। ब्यूरो