श्रीनगर। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और हंदवाड़ा के विधायक सज्जाद लोन ने शनिवार को यासीन मलिक की ओर से प्रस्तुत किए 85 पृष्ठों के हलफनामे का विस्तृत विवरण दिया। लोन ने कहा कि यह हलफनामा न तो एक व्यक्ति के रूप में यासीन मलिक के बारे में है और न ही क्षमादान मांगने के बारे में है। यह मूल रूप से संवाद की पवित्रता और इस क्षेत्र में संघर्षों के समाधान में इसके सामने आने वाले खतरों के बारे में है।
उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज़ एक ऐसे कश्मीरी का प्रत्यक्ष विवरण प्रस्तुत करता है जिस पर सैकड़ों मुकदमे हैं, उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है और उसे मृत्युदंड का सामना करना पड़ रहा है।
लोन ने ज़ोर देकर कहा, यह वास्तविक जीवन की घटनाओं पर आधारित है, लेकिन यह एक कानूनी हलफनामे से कहीं बढ़कर है। लोन ने हलफनामे को एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ बताया जो एक व्यक्ति या एक राजनीतिक क्षण से कहीं आगे तक सबक देता है। यासीन ने मुकदमा न लड़ने का फैसला किया था, जो दोषी होने की दलील देने से बिल्कुल अलग है। ब्यूरो