श्रीनगर। ऐतिहासिक जामा मस्जिद श्रीनगर में जुमे की नमाज को संबोधित करते हुए मीरवाइज़-ए-कश्मीर डॉ. मौलवी मुहम्मद उमर फारूक ने युद्धविराम के बाद भी गाजा में फलस्तीनियों पर फिर से हो रहे इस्राइली हमलों की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों, खासकर बच्चों, की लगातार हत्या और घरों व अस्पतालों पर बमबारी मानवता और नैतिकता के पूर्ण पतन को दर्शाती है। फलस्तीन के लोग अकल्पनीय कष्टों के बावजूद दृढ़ और साहसी बने हुए हैं और उनका दर्द हमारा दर्द है, और उनका संघर्ष पूरी मानवता का संघर्ष है। दशकों बाद परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करने के अमेरिका के फैसले पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मीरवाइज ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया पहले से ही युद्धों और संकटों से जूझ रही है।
ऐसी कार्रवाई वैश्विक शांति के प्रति लापरवाही और उपेक्षा दर्शाती है। उन्होंने कहा कि समय की मांग अधिक हथियार और युद्ध नहीं, बल्कि बुद्धिमता, न्याय और करुणा है। उन्होंने विश्व शक्तियों से आग्रह किया कि वे बहुत देर होने से पहले परमाणु निरस्त्रीकरण, विसैन्यीकरण और मानवता को बहाल करें। ब्यूरो