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Jammu News: लाल चौक के घंटाघर पर लगा दिया लोहे का खोखा, कारोबारियों ने जताया रोष

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श्रीनगर के लाल चौक के घंटाघर के पास रखे लोहे के खोखे पर रोष जताते स्थानीय कारोबारी। अमर उजाला
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- लोग बोले-श्रीनगर नगर निगम ने खूबसूरती में दाग लगाया, हटवाने के लिए मुख्यमंत्री से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। लाल चौक के घंटाघर के पास मंगलवार देर रात लोहे का एक खोखा (गुमटी) रख दिया गया। सुबह दुकानें खोलने पहुंचे कारोबारियों ने इसे देखा तो उनमें राेष फैल गया। उनका कहना था कि लाल चौक को इतने यत्न से संवारते हैं, श्रीनगर नगर निगम ने इसकी खूबसूरती को दाग लगा दिया है। इसे हटवाने के लिए कारोबारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री उमर से मुलाकात करेगा।
घंटाघर के पास रखे इस खोखे को हटाने की मांग के लिए कारोबारियों ने बुधवार दोपहर को विरोध प्रदर्शन की तैयारी की। घंटाघर पर उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद लाल चौक ट्रेडर्स एसोसिएशन के बैनर तले कारोबारियों ने पत्रकारों से अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि यहां की खूबसूरती को देखने दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। कश्मीर आने वाला हर पर्यटक श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक के घंटाघर के सामने फोटो खिंचाना चाहता है।
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इस लाल चौक की खूबसूरती को कायम रखने की लिए श्रीनगर स्मार्ट सिटी के साथ कारोबारियों ने भी काफी प्रयास किए हैं। हाल ही में स्कॉस्ट ने इसे गुलदाउदी के रंगबिरंगे फूलों से सजाया है। इससे यहां आने वाले पर्यटकों का रुझान भी काफी बढ़ा है। ऐसे में श्रीनगर नगर निगम की ओर से इस तरह का भद्दा लोहे का खोखा यहां रख देना, इसकी खूबसूरती पर दाग लगा रहा है।
पता लगा है कि नगर निगम फूड स्टॉल के लिए इसे प्रयोग करेगा या किसी को किराये पर देगा। लाल चौक पर एक से एक बेहतरीन रेस्तरां और कैफे हैं। आइसक्रीम पार्लर भी हैं। ऐसे में इस तरह का फूहड़ लोहे का खोखा लगा देना किसी भी तरह उचित नहीं है। स्मार्ट सिटी के नियमों के तहत यहां केवल लकड़ी के सुंदर स्टॉल ही लगाए जा सकते हैं जिससे यहां की खूबसूरती प्रभावित न हो।
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निगम के अधिकारियों ने नहीं उठाया फोन
कारोबारियों ने बताया कि स्मार्ट सिटी ने इस तरह का सफल प्रयोग भी किया है। जीरो ब्रिज के पास लकड़ी के नक्काशीदार कैफे स्टॉल लगाए गए थे। बाद में जीरो ब्रिज पर भी इस तरह के स्टॉल लगे। इससे पुल की खूबसूरती और बढ़ी, वहां कारोबार कर रहे लोगों ने भी आपत्ति नहीं की क्योंकि यह व्यवहारिक था लेकिन यहां तो लोहे का खोखा रख दिया गया जैसे किसी स्लम एरिया का बाजार हो। इस मामले में नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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