संवाद न्यूज एजेंसी
अनंतनाग। प्रसिद्ध कश्मीरी कवि और अभिनेता जाहिद मुख्तार का वीरवार को निधन हो गया। वे साहित्य, प्रदर्शन कला और प्रसारण के क्षेत्र में एक समृद्ध विरासत छोड़ गए हैं।
सांस्कृतिक और साहित्यिक जगत में एक जाना-पहचाना नाम अनंतनाग के जाहिद मुख्तार, रेडियो कश्मीर पर अपनी भावपूर्ण कविताओं और प्रभावशाली आवाज के लिए व्यापक रूप से प्रशंसित थे। वर्षों से वह कश्मीरी प्रसारण जगत में सबसे प्रसिद्ध हस्तियों में से एक बन गए जिन्हें काव्यात्मक संवेदनशीलता और भाषा एवं अभिव्यक्ति की गहरी समझ के मिश्रण के लिए जाना जाता था।
साहित्य में अपने योगदान के अलावा मुख्तार एक कुशल रंगमंच और टेलीविजन अभिनेता भी थे जिन्होंने कई नाटकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनके अभिनय में अक्सर कश्मीरी समाज के सामाजिक और भावनात्मक चरित्र की झलक मिलती थी जिससे उन्हें दर्शकों और साथी कलाकारों दोनों से प्रशंसा मिली।
सहकर्मियों और प्रशंसकों ने उन्हें एक बहुमुखी प्रतिभा का धनी बताया जिनकी आवाज और कविताएं कश्मीर की आत्मा को छूती थीं। अनंतनाग के एक करीबी सहयोगी ने कहा कि जाहिद साहब सिर्फ एक कवि या प्रसारक नहीं थे वे अपने आप में एक संस्था थे। उनका निधन हमारी साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
घाटी भर के लेखकों, कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है और कश्मीरी भाषा और कला के प्रचार में उनके दशकों लंबे योगदान को याद किया है। उनके पैतृक शहर में अंतिम संस्कार की नमाज अदा की गई जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, दोस्त और प्रशंसक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित हुए।