- विजेता और प्रतिभागी बोले-अगली मैराथन में जरूर लेंगे हिस्सा
अजीम यूसुफ
श्रीनगर। कश्मीर मैराथन के दूसरे संस्करण में शामिल हुए प्रतिभागियों का जोश हाई था। रविवार को सुबह 6 बजे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हरी झंडी दिखाई तो धावकों में अलग ही जोश दिखाई दिया। करीब 7 डिग्री सेल्सियस तापमान ने भी उनके जोश को ठंडा नहीं होने दिया। पूरे जज्बे के साथ प्रतिभागी कश्मीर मैराथन में शामिल हुए और उनके जुनून ने उन्हें जीत की दहलीज तक पहुंचाया।
फुल मैराथन में केन्या के डेनिस रहे विजेता
42 किमी की फुल मैराथन के विजेता और 25 लाख रुपये का इनाम पाने वाले केन्या के डेनिस क्रिप्टो बेहद खुश दिखाई दिए। दौड़ पूरी करने के बाद उन्हें मेडिकल कैंप ले जाया गया और फिर कंबल में लपेटकर फेसिलिटेशन रूम में पहुंचाया गया। इस दौरान उन्होंने बताया कि कश्मीर मैराथन में शामिल होने के लिए वह श्रीनगर आए और दौड़ में हिस्सा लिया। सर्दी यहां जरूर ज्यादा थी पर मजा आया। वह प्रोफेशनल एथलीट हैं, जीतकर बेहद खुश हैं।
हाफ मैराथन में केन्या के मैथ्यु ने बाजी मारी
21 किमी की हाफ मैराथन में बाजी मार 15 लाख रुपये का इनाम पाने वाले केन्या के मैथ्यु सेंपेरो ने कहा कि पहाड़ और झील के बीच दौड़ का रोमांच ही अलग था। कश्मीर वाकई खूबसूरत है और मैराथन जैसे आयोजन इसे विदेश में और ज्यादा प्रसिद्ध करेंगे। सर्दी थी, ऑक्सीजन की भी परेशानी महसूस हुई, लौटकर मेडिकल हेल्प लेनी पड़ी, लेकिन यहां के आयोजकों ने कोई परेशानी नहीं होने दी।
हाफ मैराथन में महिला वर्ग में रजत पदक और 12 लाख रुपये का इनाम जीतने वाली चेक रिपब्लिक की नेवेदा रिकोवा ओलंपियन हैं। उन्होंने बताया कि मैराथन में हिस्सा लेने ही वह कश्मीर आई हैं। वह अपने देश के लिए ओलंपिक में भी दौड़ चुकी हैं। कश्मीर बेहद खूबसूरत है। लोगों को यहां आना चाहिए। वह खुद भी अगली मैराथन में भी हिस्सा लेना चाहेंगी।
अलवर के हेमंत ने कराया गौरव का अहसास
पुरस्कार वितरण के दौरान जब लगातार 13 नाम केन्या और इथोपिया के बोले गए। दर्शक और धावक चुपचाप उद्घोषणा सुन रहे थे। 14वां नाम जब हाफ मैराथन में दूसरे स्थान पर आने वाले हेमंत सिंह का आया तो दर्शक दीर्घा में जश्न शुरू हो गया। खूब सीटियां बजीं। पुरस्कार लेने के बाद हेमंत सिंह ने अमर उजाला को बताया कि वह राजस्थान के अलवर के रहने वाले हैं और सेना में हैं। उन्होंने कहा-इस बड़ी उपलब्धि से मैं बहुत खुश हूं, खास तौर से विदेशी धावकों के बीच से निकलकर आना काफी अच्छा लग रहा है। कश्मीर बेहद खूबसूरत है, मैं फिर यहां आना चाहूंगा।
महिला वर्ग में सोनीपत की भारती ने दिखाया दम
देशी-विदेशी धावकों के बीच हरियाणा की छोरी, सोनीपत निवासी भारती नैन ने कमाल कर दिया। हाफ मैराथन में महिला वर्ग में वह चौथे स्थान पर रहीं। उन्हें छह लाख रुपये का पुरस्कार मिला है। उन्होंने बताया कि वह प्रोफेशनल धावक हैं। काफी अच्छा लग रहा है, कश्मीर मैराथन का हिस्सा बनकर। चौथा प्राइज मिला लेकिन ओलंपियन और विदेशी धावकों के बीच यह उपलब्धि भी बड़ी बात है। वहीं पांचवें स्थान पर रहीं महाराष्ट्र की संजीवनी बाबूराव जाधव को तीन लाख रुपये का पुरस्कार मिला। उन्हाेंने कहा कि पांचवें स्थान पर रहने का मलाल है लेकिन अगले मैराथन में फिर आऊंगी, उम्मीद है बेहतर प्रदर्शन कर पाऊं।
केरल से आया 10 दोस्तों का दल
केरल से मणप्पुरम से आए 10 दोस्तों के दल ने कश्मीर मैराथन में हिस्सा लिया। हाफ मैराथन पूरी करने के बाद दल के सदस्य मुनीर ने बताया कि हम सभी मैराथन में पहली बार हिस्सा ले रहे हैं। मुझे वेबसाइट पर इसके बारे में पता चला और दोस्तों के साथ पंजीकरण कराया। टीम में अब्दुल कादिर, अब्दुल रज्जाक, शफीक, शमसुद्दीन, तौफीक, निजार, शाहुल, मंजूर अली आदि हैं। मैराथन में हिस्सा लेना हमारा सपना था। अब प्रतियोगिता के बाद गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम घूमने का प्लान है।