अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। क्राइम ब्रांच कश्मीर (सीबीके) की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने जमीन धोखाधड़ी के एक बड़े मामले से संबंधित प्राथमिकी संख्या 23/2019 में शुक्रवार को आरोपपत्र दाखिल किया।
यह आरोपपत्र श्रीनगर के भ्रष्टाचार निरोधक विशेष न्यायाधीश की अदालत में आठ आरोपियों के खिलाफ पेश किया गया है। इनमें चार राजस्व अधिकारी (तीन सेवानिवृत्त और एक सेवारत) शामिल हैं। ये सभी कथित तौर पर अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी से जमीन पर कब्जा करने और राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी करने में शामिल थे।
सीबीके ने एक बयान में कहा कि यह मामला एक लिखित शिकायत से शुरू हुआ है जिसमें आरोप लगाया गया है कि श्रीनगर के शाल्टेंग स्थित इकबाल कॉलोनी निवासी नदीम अहमद मेयर और शफीक अहमद मेयर ने राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी करके एहेल दानिहामा में 52 कनाल जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण किया था।
यह पाया गया कि शिकायतकर्ता के चाचा से मौखिक उपहार (हिबा जबानी) की आड़ में फर्जी और जाली दाखिल-खारिज (म्युटेशन) संख्या 13, 16, 17, 18, 30, 31 और 34 निष्पादित किए गए जबकि इस तरह के हस्तांतरण का कोई वैध या पारिवारिक आधार नहीं था। जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं जिनमें आधिकारिक दाखिल-खारिज रिकॉर्ड (पार्टी सरकार) का अभाव, ट्रेजरी वाउचर संख्या और तिथियों का गायब होना, एक ही सह-स्वामी द्वारा अनधिकृत दाखिल-खारिज करना शामिल है जिससे दूसरों के स्वामित्व अधिकारों का उल्लंघन हुआ।
इसके अतिरिक्त लगभग 40 कनाल सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा पाया गया। यह धोखाधड़ी कथित तौर पर कुछ राजस्व अधिकारियों की सक्रिय मिलीभगत से की गई जिन्होंने आधिकारिक रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने और कानूनी प्रक्रियाओं को दरकिनार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।