श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने जल शक्ति विभाग के आयुक्त सचिव को नौ अक्तूबर को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल क्षेत्र में स्थित अरिपाल झरने के संरक्षण से संबंधित एक जनहित याचिका पर आपत्तियां दर्ज न होने की स्थिति में कोर्ट ने यह आदेश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली और न्यायमूर्ति राजेश ओसवाल की खंडपीठ ने अधिवक्ता मोहम्मद यूनुस द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद प्रतिवादी (अधिकारी) आपत्तियां दर्ज कराने में विफल रहे हैं। एक बार फिर स्थगन का अनुरोध किया गया है।
अदालत ने कहा कि हालांकि कार्यवाही स्थगित करने का कोई औचित्य नहीं है लेकिन चूंकि प्रतिवादियों (प्राधिकारियों) के वकील ने दो दिनों में जवाब देने की बात कही है इसलिए सुनवाई नौ अक्तूबर तक के लिए स्थगित की जाती है। संवाद