श्रीनगर। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने शुक्रवार को सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन-सह-कार्यशाला कश्मीर एंडोजाइन 2025 का उद्घाटन किया। यह सम्मेलन प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
मंत्री ने शिक्षा, अनुसंधान और क्लीनिकल देखभाल के माध्यम से महिलाओं के कल्याण को आगे बढ़ाने के लिए जीएमसी श्रीनगर की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य को एक सामाजिक प्राथमिकता के रूप में देखा जाना चाहिए न कि केवल एक क्षेत्रीय चिंता के रूप में।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना परिवारों, समुदायों और पूरे राष्ट्र को मजबूत करता है। अपने संबोधन में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह ने विभाग की सराहना की कि उन्होंने साक्ष्य-आधारित चिकित्सा को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ जोड़ने वाला एक मजबूत शैक्षणिक मंच तैयार किया है। जीएमसी श्रीनगर की प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. इफ्फत हसन शाह ने अपने संबोधन में स्त्री रोग अभ्यास में प्रौद्योगिकी और निरंतर कौशल विकास की भूमिका पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी, रोबोटिक लेप्रोस्कोपी और उन्नत प्रजनन तकनीकें महिलाओं की स्वास्थ्य देखभाल को बदल रही हैं। आयोजन अध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सैयद मासूमा रिजवी ने अपने स्वागत संबोधन में सम्मेलन के उद्देश्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की, जो एंडोमेट्रियोसिस, बांझपन, यूरोगायनेकोलॉजी और मेनोपॉज स्वास्थ्य में अपडेट पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक मंच सहयोग को बढ़ावा देते हैं और स्वास्थ्य मानकों को ऊंचा उठाते हैं।
एसोसिएटेड हॉस्पिटल्स के प्रशासक मोहम्मद अशरफ हकाक और एलडी हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मुजफ्फर जान ने आयोजन की सराहना की और जीएमसी श्रीनगर के शैक्षणिक एवं क्लिनिकल पहलों के लिए अपना समर्थन दोहराया।